तीन बुद्धिमान Class 7 Question Answer Hindi Chapter 2

Practicing with Malhar Hindi Book Class 7 Solutions Chapter 2 तीन बुद्धिमान लोककथा के प्रश्न उत्तर Question Answer improves a student’s confidence in the subject.

Class 7 Hindi Chapter 2 Question Answer तीन बुद्धिमान

NCERT Class 7th Hindi Chapter 2 तीन बुद्धिमान Question Answer

कक्षा 7 हिंदी पाठ 2 प्रश्न उत्तर – Class 7 Hindi तीन बुद्धिमान Question Answer

पाठ से

मेरी समझा से

(क) लोककथा के आधार पर नीचे दिए गए प्रश्नों का सटीक उत्तर कौन-सा है? उसके सामने तारा (*) बनाइए। कुछ प्रश्नों के एक से अधिक उत्तर भी हो सकते हैं।

प्रश्न 1.
लोककथा में पिता ने अपने बेटों से ‘धन संचय करने’ को कहा। उनकी इस बात का क्या अर्थ हो सकता है?

  • खेती-बारी करना और घन इकट्ठा करना।
  • पैनी दृष्टि और तीव्र बुद्धि का विकास करना। (*)
  • ऊँट का व्यापार करना।
  • गाँव छोड़कर किसी नगर में जाकर बसना।

प्रश्न 2.
तीनों भाइयों ने अपने ज्ञान और बुद्धि का उपयोग करके ऊँट के बारे में बहुत कुछ बता दिया। इससे क्या निष्कर्ष निकाला जा सकता है?

  • बुद्धि का प्रयोग करके ऊँट के बारे में सब कुछ बताया जा सकता है।
  • समस्या को सुलझाने के लिए ध्यान से निरीक्षण करना महत्वपूर्ण है। (*)
  • किसी व्यक्ति का ज्ञान, युद्धि और धन ही सबसे बड़ी ताकत है।
  • ऊँट के बारे में जानने के लिए दूसरों पर भरोसा करना चाहिए।

प्रश्न 3.
राजा ने भाइयों की बुद्धिमता पर विश्वास क्यों किया?

  • भाइयों ने अपनी बात को तर्क के साथ समझाया। (*)
  • राजा को ऊँट के स्वामी की बातों पर संदेह था।
  • राजा ने स्वयं ऊँट और पेटी की जाँच कर ली थी।
  • भाइयों ने राजा को अपनी बात में उलझा लिया था।

तीन बुद्धिमान Class 7 Question Answer Hindi Chapter 2

प्रश्न 4.
लोककथा के पात्रों और घटनाओं के आधार पर राजा के निर्णय के पीछे कौन-सा मूल्य छिपा है?

  • दोषी को कड़ा-से-कड़ा दंड देना हर समस्या का सबसे बड़ा समाधान है।
  • अच्छी तरह जाँच किए बिना किसी को दोषी नहीं ठहराना चाहिए। (*)
  • राजा की प्रत्येक बात और निर्णय को सदा सही माना जाना चाहिए।
  • ऊँट की चोरी के निर्णय के लिए सेवक की बुद्धि का उपयोग करना चाहिए।

(ख) हो सकता है कि आपके समूह के साथियों ने भिन्न-भिन्न उत्तर चुने हों। अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुने।
उत्तर :
पिता ने अपने बेटों से ‘धन संचय’ करने को कहा, जिसका अर्थ भौतिक धन नहीं, बल्कि बुद्धि और निरीक्षण शक्ति का विकास था, क्योकि यही उनके असली धन थे। तीनों भाइयों ने बिना ऊँट को देखे ही उसके बारे में सही-सही जानकारी दी, जिससे यह निष्कर्ष निकलता है कि समस्या को सुलझाने के लिए ध्यान से निरीक्षण करना आवश्यक होता है तथा किसी व्यक्ति का ज्ञान, बुदि और धन ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है।
राजा ने उनकी बुद्धिमत्ता पर इसलिए विश्वास किया, क्योंकि उन्होने प्रत्येक बात तर्क और प्रमाण के साथ समझाई और उनके बताए सभी अनुमान सही निकले। इन घटनाओं से यह मूल्य झलकता है कि बिना पूरी जाँच किए किसी को दोधी नहीं ठहराना चाहिए। इस प्रकार, चुने गए उत्तर कहानी के सार और शिक्षाओं को सटीक रूप में प्रस्तुत करते हैं।

पंक्तियों पर चर्चा

पाठ में से चुनकर कुछ पंक्तियाँ नीचे दी गई हैं। इन्हें ध्यान से पड़िए और इन पर विचार कीजिए। आपको इनका क्या अर्थ समझ में आया? अपने विचार अपने समूह में साझा कीजिए और लिखिए

(क) “रुपये-पैसे के स्थान पर तुम्हारे पास पैनी दृष्टि होगी और सोने-चाँदी के स्थान पर तीव्र बुद्धि होगी। ऐसा धन संचित कर लेने पर तुम्हें कभी किसी प्रकार की कमी न रहेगी और तुम दूसरों की तुलना में उन्नीस नहीं रहोगे।”
उत्तर :
प्रस्तुत पंक्ति का अर्थ है कि जीवन में सबसे बड़ा धन बुद्धि और समझ होती है, न कि केवल रुपये-पैसे और गहने। यदि किसी के पास पैनी टृष्टि अर्थात् गहराई से देखने की क्षमता और तीब्र बुद्धि अर्थात् सोचने-समझने की ताकत हो, तो वह प्रत्येक मुश्किल का हल निकाल सकता है। ऐसे गुणों वाला व्यक्ति कभी किसी चीज की कमी महसूस नहीं करता और समाज में भी पीछे नहीं रहता।

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(ख) “हर वस्तु और स्थिति को पूर्णतः समझने और जानने का प्रयास करो। कुछ भी तुम्हारी दृष्टि से न बच पाए।”
उत्तर :
प्रस्तुतं पंक्ति का अर्थ है कि हमें जीवन में प्रत्येक चीज को ध्यान से देखना और समझना चाहिए। कोई भी घटना, वस्तु या स्थिति ऐसी न हो, जो हमारी समझ से बाहर रह जाए।
जब प्रत्येक बात को हम गहराई से समझने की कोशिश करते हैं, तो बेहतर निर्णय ले सकते हैं और समस्याओं का सही हल निकाल सकते हैं। यही समझ व्यक्ति को बुद्धिमानी का परिचय होती है।

(ग) “हमने अपने परिवेश को पैनी दृष्टि से देखने और बुद्धि से सोचने के प्रयास में बहुत समय लगाया है।”
उत्तर :
प्रस्तुत पंक्ति का अर्थ है कि तीनों भाइयों ने अपने आस-पास की चीजों को बहुत ध्यान से देखा और प्रत्येक छोटी-छोटी बात का गहराई से निरीक्षण किया। उन्होंने केबल आँखों से देखने के बजाय बुद्धि से सोचकर प्रत्येक चीज को समझने की कोशिश की। ऐसा करने में वे सफल रहे, क्योकि इसकी तैयारी उन्होने बचपन से ही शुरू कर दी थी अर्थात् इसके लिए उन्होंने बहुत समय लगाया था। तभी से किए अभ्यास के कारण वह आज अपनी तीव्र बुद्धि का प्रयोग करने में सफल हो सके।

मिलकर करें मिलान

इस लोककथा में से चुनकर कुछ वाक्य नीचे स्तंभ I में दिए गए हैं। उनके भाव या अर्थ से मिलते-जुलते वाक्य स्तंभ-II में दिए गए हैं। स्तंभ I के वाक्यों को स्तंभ II के उपयुक्त वाक्यों से सुमेलित कीजिए-

तीन बुद्धिमान Class 7 Question Answer Hindi Chapter 2 1

उत्तर :

स्तंभ-1 स्तंभ-2
1. कुछ समय पश्चात् पिता चल बसे। 2. थोड़े समय के बाद पिता का देहांत हो गया।
2. हम कहीं भी क्यों न हों, भूखे नहीं मरेंगे। 5. हम चाहे जहाँ भी हों, हमें खाने के लिए कुछ न कुछ मिल ही जाएगा।
3. घुड़सवार ने तीनों भाइयों को शंका की दृष्टि से देखा। 1. घोड़े पर सवार व्यक्ति ने तीनों भाइयों को अविश्वास से देखा।
4. बचपन से ही हमें ऐसी आदत पड़ गई है कि हम कुछ भी अपनी दृष्टि से नहीं चूकने देते। 4. बचपन से ही हमें आदत हो गई है कि हम हर छोटी-बड़ी वस्तु पर ध्यान अवश्य देते हैं।
5. लोगों के आश्चर्य का कोई ठिकाना न था। 3. लोग इतने अचंभित थे कि उनका आश्चर्य व्यक्त करना कठिन था।

तीन बुद्धिमान Class 7 Question Answer Hindi Chapter 2

सोच-विचार के लिए

लोककथा को एक बार फिर ध्यान से पढ़िए, पता लगाइए और लिखिए

(क) तीनों भाइयों ने बिना ऊँट को देखे उसके विषय में कैसे बता दिया था?
उत्तर :
तीनों भाइयों ने ऊँट को देखे बिना ही अपने निरीक्षण और गहन बुदि के आधार पर उसके विषय में बताया। सबसे बड़े भाई ने धूल में ऊँट के बडे पैरों के निशान देखकर उसके आकार का अनुमान लगाया। मँझले भाई ने देखा कि रास्ते के एक ओर की घास चरी गई है और दूसरी ओर की नहीं, जिससे उसने यह जाना कि ऊँट की एक आँख नहीं थी। सबसे छोटे भाई ने ऊँट के घुटने टेकने के निशान और बहाँ महिला ब बच्चे के पैरों के चिह्न देखकर यह अनुमान लगाया कि ऊँट पर एक महिला और बच्चा सवार थे।

(ख) आपके अनुसार इस लोककथा में सबसे अधिक महत्त्व किस बात को दिया गया है- तार्किक सोच, अवलोकन या सत्यवादिता? लोककथा के आधार पर समझाइए।
उत्तर :
इस लोककथा में सबसे अधिक महत्व तार्किक सोच और अवलोकन शक्ति को दिया गया है। तीनों भाइयों ने न तो ऊँट को देखा था, न ही पेटी को खोला था, फिर भी उन्होने केवल अपने सूक्ष्म अवलोकन (जैसे-पैरों के निशान, घास की स्थिति, जूतों के चिन्हु और पेटी की आबाज़) से और फिर तार्किक विश्लेषण द्वारा सटीक निष्कर्ष निकाले। यह कहानी हमें यह संदेश देती है कि सूक्ष्म अवलोकन और तार्किक सोच के माध्यम से बिना देखे भी संच्चाई तक पहुँचा जा सकता है। यही इसकी प्रमुख शिक्षा है।

(ग) लोककथा में राजा ने पहले भाइयों पर संदेह किया, लेकिन बाद में उन्हें निर्दोष माना। राजा की सोच क्यों बदल गई?
उत्तर :
राजा की सोच इसलिए बदल गई, क्योकि तीनों भाइयों ने अपनी बुद्धिमत्ता और तर्कशक्ति से यह सिद्ध कर दिया कि उन्होंने ऊँट को देखे बिना ही अपने निरीक्षण और समझ से उसकी सही जानकारी दी थी। जब राजा ने उनकी परीक्षा लेने के लिए बंद पेटी मँगवाई, तो उन्होंने यह भी सही बता दिया कि उसमें कच्चा अनार है। उनकी तीव्र बुद्धि और पैनी दृष्टि देखकर राजा को यकीन हो गया कि वे चोर नहीं हैं, बल्कि बुद्धिमान और निर्दोष हैं। इसलिए उसने अपनी सोच बदली और उन्हें सम्मानित किया।

(घ) ऊँट के स्वामी ने भाइयों पर तुरंत संदेह क्यों किया? आपके विचार से उसे क्या करना चाहिए था, जिससे उसे अपना ऊँट मिल जाता?
उत्तर :
ऊँट के स्वामी ने भाइयों पर तुरंत संदेह इसलिए किया, क्योंकि उन्होने ऊँट को देखे बिना ही उसके बारे में कई सटीक बातें बता दी थीं। उसे लगा कि वे ही चोर हैं, क्योंकि इतनी जानकारी केवल वही दे सकता है, जो ऊँट के साथ रहा हो। मेरे विचार से उसे पहले शांति से उनकी बात सुननी चाहिए थी और अपने ऊँट की खोज में उनके बताए मार्ग पर जाना चाहिए था। ऐसा करने से वह समय रहते अपना ऊँट पा सकता था और निर्दोषों पर झूठा आरोप भी न लगता।

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(ङ) पिता ने बेटों को ‘दूसरे प्रकार का धन’ संचित करने की सलाह क्यों दी? इससे पिता के बारे में क्या-क्या पता चलता है?
उत्तर :
पिता ने बेटों को ‘दूसरे प्रकार का धन’ अर्थात् पैनी दृष्टि और तीव्र बुद्धि संचित करने की सलाह इसलिए दी, क्योंकि वे जानते थे कि भौतिक धन (जैसे-रुपये, सोना, चाँदी) नष्ट हो सकता है या छिन सकता है, लेकिन ज्ञान और बुद्धि ऐसा धन है, जो जीवनभर काम आता है और जिसे कोई छीन भी नहीं सकता।
इससे पिता के बारे में यह पता चलता है कि वे बहुत ही समझदार, दूरदर्शी और अनुभव से भरपूर व्यक्ति थे। वे अपने बेटों को आत्मनिर्भर, बुद्धिमान और जीवन की कठिनाइयों का सामना करने के योग्य बनाना चाहते थे। वे यह भी मानते थे कि सच्चा धन वह है, जो व्यक्ति को प्रत्येक स्थिति में सही निर्णय लेने की क्षमता देता है।

(च) राजा ने भाइयों की परीक्षा लेने के लिए पेटी का उपयोग किया। इस परीक्षा से राजा के व्यक्तित्व और निर्णय शैली के बारे में क्या-क्या निष्कर्ष निकाला जा सकता है?
उत्तर :
राजा ने भाइयों की बुद्धिमत्ता की परीक्षा लेने के लिए पेटी का उपयोग किया, जिससे उसके व्यक्तित्व और निर्णय शैली के बारे में कई बातें स्पष्ट होती हैं।
वह एक न्यायग्रिय, विवेक्रील और दूरदर्शी शासक था, जो केवल आरोपों के आधार पर निर्णय नहीं लेता था। उसने भाइयों की बातों को ध्यान से सुना और उनकी क्षमता को परखने के लिए एक तार्किक परीक्षा रखी। जब भाइयों ने अपनी सूझ-बूझ से सही उत्तर दिए, तो राजा ने उनकी बुद्धि की सराहना की और उन्हें सम्मानपूर्वक अपने दरवार में स्थान दिया। इससे यह सिद्ध होता है कि राजा निष्पक्ष, बुद्धिमान और योग्य शासक था।

(छ) आप इस लोककथा के भाइयों की किस विशेषता को अपनाना चाहेंगे और क्यों?
उत्तर :
मैं इस लोककथा के भाइयों की पैनी दुष्टि और तीव्र बुद्धि की विशेषता को अपनाना चाहूँगा, क्योंकि यह हमें प्रत्येक स्थिति का गहराई से निरीक्षण करने और सही निर्णय लेने में सहायता करती है। केवल दिखावे या बाहरी बातों पर विश्वास करने के बजाय यदि हम सोच-समझकर और बुद्धिमानी से काम लें, तो किसी भी कठिन परिस्थिति का समाधान निकाल सकते हैं। यह गुण हमें आत्मनिर्भर और समझदार बना सकता है।

अनुमान और कल्पना से

अपने समूह में मिलकर चर्चा कीजिए

(क) यदि राजा ने बिना जाँच के भाइयों को दोषी ठहरा दिया होता, तो इस लोककथा का क्या परिणाम होता?
उत्तर :
यदि राजा ने बिना जाँच के भाइयों को दोषी उहरा दिया होता, तो इस लोककथा का परिणाम बहुत ही अनुचित और नकारात्मक होता। निर्दोष भाइयों को देंड मिल जाता और उनकी बुद्धिमता का मूल्य नहीं समझा जाता। इससे हमें यह संदेश मिलता कि बिना सत्य की जाँच किए निर्णय लेना गलत है, साथ ही समाज में न्याय और विवेक की भावना कमजोर पड़ती। कहानी से हम यह नहीं सीख पाते कि बुद्धि और निरीक्षण सबसे बड़ा धन होता है।

तीन बुद्धिमान Class 7 Question Answer Hindi Chapter 2

(ख) यदि भाइयों ने अनार के बारे में सही अनुमान न लगाया होता, तो लोककथा का अंत किस प्रकार होता? अपने विचार व्यक्त करें।
उत्तर :
यदि भाइयों ने अनार के बारे में सही अनुमान न लगाया होता, तो राजा को उनकी बुद्धिमत्ता पर विश्वास नहीं हो पाता और शायद वह उन्हें दोधी मानकर दंडित कर देता। ऐसे में न केवल निर्दोषों को अन्याय का सामना करना पड़ता, बल्कि यह भी सिद्ध हो जाता कि समाज में सत्य और बुद्धि का कोई महत्त्व नहीं है। इससे लोककथा का उद्देश्य कमजोर पड़ जाता।

(ग) लोककथा में यदि तीनों भाई ऊँट को खोजने जाते, तो उन्हें कौन-कौन सी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता था?
उत्तर :
यदि लोककथा में तीनों भाई ऊँट को खोजने जाते, तो उन्हें कई प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड्ड सकता था। सबसे पहले उन्हें अनजान और लंबा रास्ता तय करना पड़ता, जहाँ दिशा भटकने का डर होता। ऊँट के पैरों के निशान समय के साथ मिट सकते थे या दूसरे जानवरों के निशानों से मिल सकते थे, जिससे प्रम की स्थिति बनती। यात्रा के दौरान उन्हें भोजन-पानी की कमी, जंगल या रेगिस्तान जैसी कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और मौसम की मार भी सहनी पड़ सकती थी। इसके अतिरिक्त यदि ऊँट किसी अन्य व्यक्ति के कख्ने में चला गया होता, तो उसे पहचानकर वापस लेना भी मुक्किल हो सकता था।

(घ) यदि राजा के स्थान पर आप होते, तो तीनों भाइयों की परीक्षा लेने के लिए किस प्रकार के सवाल या गतिविधियाँ करते? अपनी कल्पना साझा करें।
तीन बुद्धिमान Class 7 Question Answer Hindi Chapter 2 2
उत्तर :
यदि राजा के स्थान पर मैं होता, तो तीनों भाइयों की परीक्षा लेने के लिए ऐसी गतिविधियाँ करवाता, जो उनकी बुद्धिमत्ता, तर्कशक्ति और निरीक्षण क्षमता को दर्शाएँ। मैं उन्हें एक रहस्यमयी चित्र दिखाता और उनसे उसमें छिपे संकेतों को पहचानने के लिए कहता, साथ ही किसी अधूरी घटना का विवरण देकर उनसे उस घटना की कल्पना और विश्लेषण करने को कहता। मैं उन्हें एक कमरे में कुछ समय के लिए भेजता और फिर पूछता कि उन्होने वहाँ क्या-क्या देखा। इन सभी गतिविधियों से यह स्पष्ट हो जाता कि वे कितने बुद्धिमान, सजग और विचारशील हैं

शब्द से जुड़े शब्द

नीचे दिए गए रिक्त स्थानों में ‘बुद्धि’ से जुड़े शब्द अपने समूह में चर्चा करके लिखिए।
तीन बुद्धिमान Class 7 Question Answer Hindi Chapter 2 3
उत्तर :
ज्ञान, विवेक, समझ, विचार, तर्क, सोच
लोककथा को सुनाना
लोककथा के लिखित रूप में आने से पहले कहानियों का प्रचलन मौखिक रूप में ही पीढ़ी-दर-पीढ़ी चलता था। इसमें कहानी सुनने-सुनाने और याद रखने की महत्त्वपूर्ण भूमिका होती थी। कहानी कहने या सुनाने वाला इस तरह से कहानी सुनाता था कि सुनने वालों को रोचक लगे। इसमें कहानी सुनने वालों को आनंद तो आता ही था, कथा उन्हें याद भी हो जाती थी।
अब आप अपने समूह के साथ मिलकर इस लोककथा को रोचक ढंग से सुनाइए। लोककथा को प्रभावशाली और रोचक रूप में सुनाने के लिए नीचे कुछ सुझाव दिए गए हैं, जो लोककथा को और भी आकर्षक बना सकते हैं

तीन बुद्धिमान Class 7 Question Answer Hindi Chapter 2

कथा सुनाना

  • स्वर में उतार-चड़ाव लोककथा सुनाते समय स्वर में या आवाज में उतार-चढ़ाव से उत्साह और रहस्य का निर्माण करें। जब लोककथा में कोई रोमांचक या रहस्यमय पल हो, तो स्वर धीमा या तीव्र कर सकते है।
  • भावनाओं की अभिव्यक्ति भावनाओं को प्रकट करने के लिए स्वर का सही चयन करें; जैसे- खुशी, दु:ख, आश्चर्य आदि को स्वर के माध्यम से दर्शाएँ।
  • लोककथा के पात्रों के लिए अलग-अलग स्वर जब लोककथा में अलग-अलग पात्र हों तो हर पात्र के लिए अलग स्वर (ऊँचा, नीचा, तेज, धीमा आदि) का उपयोग किया जा सकता है ताकि उन्हें पहचाना जा सके।
  • हाथों और शरीर का उपयोग जब आप लोककथा में किसी घटना का वर्णन करें, तब शारीरिक मुद्राओं और चेहरे के भावों का उपयोग किया जा सकता है।
  • हास्य का प्रयोग जब कोई हास्यपूर्ण या आनंददायक दृश्य हो, तो चेहरे की मुसकान और हँसी के साथ उसे प्रस्तुत करें।
  • विवरणात्मक भाषा का उपयोग लोककथा में वर्णित स्थानों और पात्रों को इस प्रकार प्रस्तुत करें कि श्रोता उनकी छवि अपने मन में बना सकें।
  • रोचक मोड़ एक-दो बार लोककथा के रोमांचक मोड़ों पर थोड़ी देर के लिए रुकें या श्रोताओं में उत्सुकता होने दें; जैसे- “क्या आप जानना चाहते हैं कि आगे क्या हुआ?”
  • संवादों को स्पष्ट और प्रासंगिक बनाना पात्रों के संखाद इस तरह से प्रस्तुत करें कि वे मौलिक लगें।

कारक

नीचे दिए गए वाक्य को ध्यान से पढ़िए
‘भाइयों जवाब दिया।’
यह वाक्य कुछ अटपटा लग रहा है न? अब नीचे दिए गए वाक्य को पढ़िए
‘भाइयों ने जवाब दिया।’
इन दोनों वाक्यों में अंतर समझ में आया? बिल्कुल सही पहचाना आपने ! दूसरे वाक्य में ‘ने’ शब्द ‘भाइयों’ और ‘जवाब दिया’ के बीच संबंध को जोड़ रहा है। संज्ञा या सर्वनाम के साथ प्रयुक्त होने वाले शब्दों के ऐसे रूपों को कारक या परसर्ग कहते हैं। कारक शब्दों के कुछ उदाहरण निम्नलिखित हैं
तीन बुद्धिमान Class 7 Question Answer Hindi Chapter 2 4
नीचे दिए गए वाक्यों में कारक लिखकर इन्हें पूरा कीजिए
1. “हमने तो तुम्हारे ऊँट ______ देखा तक नहीं”, भाइयों ______ परेशान होते हुए कहा।
उत्तर :
“हमने तो तुम्हारे ऊँट को देखा तक नहीं”, भाइयों ने परेशान होते हुए कहा।

2. “मैं अपने रेवड़ों ______ पहाड़ों ______ लिए जा रहा था”, उसने कहा, “और मेरी पत्नी मेरे छोटे-से बेटे ______ साथ एक बड़े-से ऊँट ______ मेरे पीछे-पीछे आ रही थी।”
उत्तर :
“मैं अपने रेवड़ों को पहाड़ों पर लिए जा रहा था”, उसने कहा, “और मेरी पत्नी मेरे छोटे-से बेटे के साथ एक बड़े-से ऊँट पर मेरे पीछे-पीछे आ रही थी।”

तीन बुद्धिमान Class 7 Question Answer Hindi Chapter 2

3. राजा ______ उसी समय अपने मंत्री ______ बुलाया और उसके कान ______ कुछ फुसफुसाया।
उत्तर :
राजा ने उसी समय अपने मंत्री को बुलाया और उसके कान में कुछ फुसफुसाया।

4. यह सुनकर राजा ______ पेटी ______ पास लाने ______ आदेश दिया। सेवकों ______ तुरंत आदेश पूरा किया। राजा ______ सेवकों ______ पेटी खोलने ______ लिए कहा।
उत्तर :
यह सुनकर राजा ने पेटी को पास लाने का आदेश दिया। सेवकों ने तुरंत आदेश पूरा किया। राजा ने सेवकों से पेटी खोलने के लिए कहा।

सूचना-पत्र

कल्पना कीजिए कि आप इस लोककथा के वह घुइसवार हैं, जिसका ऊँट खो गया है। आप अपने ऊँट को खोजने के लिए एक सूचना कागज पर लिखकर पूरे शहर में जगह-जगह चिपकाना चाहते हैं। अपनी कल्पना और लोककथा में दी गई जानकारी के आधार पर एक सूचना-पत्र लिखिए।

तीन बुद्धिमान Class 7 Question Answer Hindi Chapter 2 5
उत्तर :

सूचना-पत्र

एक ऊँट खो गया है!
मैं एक घुड़सबार हूँ और मेरा ऊँट यात्रा के दौरान रास्ते में कहीं खो गया है। यह ऊँट बहुत बड़ा और मजबूत है। वह दाई आँख से नहीं देख सकता है। उसकी पीठ पर एक औरत और एक बच्चा सबार थे। ऊँट पर कुछ सामान भी लदा हुआ था।
जिस किसी को भी इस प्रकार का ऊँट कहीं दिखे या उसके बारे में कोई जानकारी हो, वह कृपया तुरंत मुझसे संपर्क करे। ऊँट खोजने वाले को उचित इनाम दिया जाएगा।
संपक करें
नाम घुइसवार XYZ
स्थान राजमार्ग के पास का सराय
मोबाइल नंबर 9897 XXXX
आपकी सहायता के लिए धन्यवाद!
एक परेशान यात्री

पाठ से आगे

आपकी बात

प्रश्न 1.
लोककथा में तीन भाइयों की पैनी दृष्टि की बात कही गई है। क्या आपने कभी अपनी पैनी दृष्टि का प्रयोग किसी समस्या को हल करने के लिए किया है? उस समस्या और आपके द्वारा दिए गए हल के विषय में लिखिए।
उत्तर :
हाँ, एक बार मैने स्कूल में एक आयोजन के दौरान अपनी पैनी दृष्टि का प्रयोग किया था। वार्षिक विज्ञान प्रदर्शनी के समय हमारे मॉडल में कुछ तकनीकी गड्डबड़ी आ गई थी। सभी साथी घबरा गए, लेकिन मैने ध्यान से देखा कि एक तार गलत जोड़ दिया गया था। मैंने तुरंत उसे सही स्थान पर जोड़ा और हमारा मॉडल फिर से सही चलने लगा। इस छोटी-सी सावधानी और सूझ्रबून्न से हमारी पूरी टीम का प्रदर्शन सफल हो सका।

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प्रश्न 2.
लोककथा में बताया गया है कि भाइयों ने “बचपन से हर वस्तु पर ध्यान देने की आदत डाली।” यदि आपने ऐसा किया है तो आपको अपने जीवन में इसके क्या-क्या लाभ मिलते हैं?
उत्तर :
हाँ, मैने भी बचपन से हर छोटी-बड़ी बात पर ध्यान देने की आदत डाली है और इसका मुझे कई बार लाभ भी मिला है। पढ़ाई में छोटे संकेतों को पहचानकर कठिन प्रश्नों को हल करना आसान हुआ है। रोजमर्रा की ज़िंदगी में चीजें समय पर समझ में आ जाती हैं, जिससे गलतियाँ कम होती हैं, साथ ही दूसरों की ज़रूरतें जल्दी समझ पाने में सहायता मिलती है, जिससे बेह्नतर संबंध बनते हैं और लोग मुझ पर भरोसा करते हैं।

प्रश्न 3.
लोककथा में भाइयों को यात्रा करते समय अनेक कठिनाइयाँ आईं; जैसे- भूख, थकान और पैरों में छाले। आप अपने दैनिक जीवन में किन-किन कठिनाइयों का सामना करते हैं? लिखिए।
उत्तर :
छात्र स्वयं करें।

प्रश्न 4.
भाइयों ने बिना देखे ही ऊँट के बारे में सही-सही बातें बताईं। क्या आपको लगता है कि अनुभव और समझ से देखे बिना भी सही निर्णय लिया जा सकता है? क्या आपने भी कभी ऐसा किया है?
उत्तर :
हाँ, मुझे लगता है कि अनुभव और गहरी समझ के आधार पर कई बार बिना किसी चीज को प्रत्यक्ष देखे भी सही निर्णय लिया जा सकता है। जब हम किसी विषय पर लगातार ध्यान देते हैं और सोचने की आदत बनाते हैं, तो हमारी तर्कशक्ति और अबलोकन क्षमता इतनी तेज़ हो जाती है कि हम संकेतों के आधार पर सही निष्कर्ष तक पहुँच सकते हैं। एक बार मेरी दोस्त की किताब गुम हो गई धी। मैंने उसकी आदते और समय का ध्यान रखते हुए अंदाज़ा लगाया कि किताब लाइब्रेरी में ही छूटी होगी। सच में किताब वहीं मिली।

प्रश्न 5.
जब ऊँट के स्वामी ने भाइयों पर शंका की तो भाइयों ने बिना गुस्सा किए शांति से उत्तर दिया। क्या आपको लगता है कि कभी किसी को संदेह होने पर हमें भी शांत रहकर उत्तर देना चाहिए? क्या आपने कभी ऐसी स्थिति का सामना किया है? ऐसे में आपने क्या किया?
उत्तर :
हाँ, मुक्रे लगता है कि जब कोई हम पर संदे करता है, तो हमें गुस्से की बजाय शांति और संयम से उत्तर देना चाहिए। यदि हम शांत रहते हैं और अपनी बात सही तरीके से समझाते हैं, तो सामने वाला भी हमारी बात को समझ सकता है और स्थिति जल्दी सुलझ जाती है। एक बार स्कूल में मेरी सीट के पास मेरे दोस्त का पेन गायब हो गया था। उसने बिना सोचे मुझ पर शक किया। मुझे थोड़ी तकलीफ तो हुई, लेकिन मैंने बिना नाराज़ हुए उससे कहा कि मैं पेन ढूँडने में उसकी सहायता करूँगा। बाद में पेन उसके ही बैग में दूसरी जेब से मिला और उसने मुझसे माफ़ी माँगी।

तीन बुद्धिमान Class 7 Question Answer Hindi Chapter 2

प्रश्न 6.
राजा ने भाइयों की बुद्धिमानी देखकर बहुत आश्चर्य व्यक्त किया। क्या आपको कभी किसी की सोच, समझ या किसी विशेष कौशल को देखकर आश्चर्य हुआ है? क्या आपने कभी किसी से कुछ ऐसा सीखा है, जो आपके लिए बिल्कुल नया और चौंकाने वाला हो?
उत्तर :
हाँ, मुझे भी एक बार एक सहपाठी की समझ और रचनात्मकता देखकर बहुत आश्चर्य हुआ था। हमारी कक्षा में एक बार बिज्ञान परियोजना प्रतियोगिता हुई थी। हम सबने अलग-अलग मॉडल बनाए थे, लेकिन मेरे एक दोस्त ने घर में बेकार पड़ी चीजों से एक वर्किंग वाटर प्यूरीफायर बना दिया। उसने बोतलों, रेत, कोयले और कपड़े का उपयोग कर बहुत ही आसान और सस्ते तरीके से साफ पानी बनाने का तरीका दिखाया।

मैं यह देखकर बहुत चकित रह गया, क्योंकि उसने यह सब न केवल स्वयं सोचा था, बल्कि बहुत ही आसान भाषा में समझाया भी। उस दिन मैंने सीखा कि रचनात्मक सोच और सही दिशा में प्रयास करने से हम कम संसाधनों में भी बड़े समाधान निकाल सकते हैं। इस अनुभव ने मुझे यह भी सिखाया कि हर किसी से कुछ-न-कुछ नया और उपयोगी सीखा जा सकता है, बस हमारी दृष्टि सीखने के लिए खुली होनी चाहिए।

प्रश्न 7.
लोककथा में पिता ने अपने बेटों को यह सलाह दी कि वे समझ और ज्ञान जमा करें। क्या आपको कभी किसी बड़े व्यक्ति से ऐसी कोई सलाह मिली है, जो आपके जीवन में उपयोगी रही हो? क्या आप भी अपने अनुभव से किसी को ऐसी सलाह देंगे?
उत्तर :
छात्र स्वयं करें।

प्रश्न 8.
भाइयों ने अपने ऊपर लगे आरोपों के होते हुए भी सदा सच्चाई का साथ दिया। क्या आपको लगता है कि सदा सच बोलना महत्त्वपूर्ण है, भले ही स्थिति कठिन क्यों न हो?
क्या आपको किसी समय ऐसा लगा है कि आपकी सच्चाई ने आपको समस्याओं से बाहर निकाला हो?
उत्तर :
हाँ, मुझे लगता है कि सच्चाई का साथ हमेशा देना चाहिए, चाहे परिस्थिति कितनी भी कठिन क्यों न हो। एक बार मेरे स्कूल में एक किताब खो गई थी और गलती से सबका शक मुझ पर आ गया। उस समय मैने बिल्कुल ईमानदारी से अपनी बात रखी और बताया कि मैने वह किताब नहीं ली है। मैने यह भी बताया कि मैंने अंतिम बार वह किताब कहाँ देखी धी।
शुरू में कुछ लोगों को विश्वास नहीं हुआ, लेकिन बाद में वह किताब एक अन्य छात्र के बैग में निकली। तब सबको मेरी बात का यकीन हुआ और मेरी सच्चाई की सराहना भी हुई। उस दिन मैंने महसूस किया कि यदि हम शांत रहकर सच्चाई से अपना पक्ष रखें, तो देर-सबेर सच सामने आ ही जाता है।
इसलिए मुझे पूरा विश्वास है कि सच्चाई पर चलना हमेशा सही होता है, क्योंकि यह आत्मविश्वास और सम्मान दिलाता है, चाहे समय थोड़ा कठिन ही क्यों न हो।

ध्यान से देखना-सुनना-अनुभव करना

“बचपन से ही हमें ऐसी आदत पड़ गई कि हम किसी वस्तु को अपनी दृष्टि से नहीं चूकने देते। हमने वस्तुओं को पैनी दृष्टि से देखने और बुद्धि से सोचने के प्रयास में बहुत समय लगाया है।”
इस लोककथा में तीनों भाई आस-पास की प्रत्येक घटना, वस्तु आदि को ध्यान से देखते, सुनते, सूँघते और अनुभव करते हैं अर्थात् अपनी ज्ञानेंद्रियों और बुद्धि का पूरा उपयोग करते है। ज्ञानेंद्रियाँ पाँच होती हैंआँख, कान, नाक, जीभ और त्वचा।
आँख से देखकर, कान से सुनकर, नाक से सूँघकर, जीभ से चखकर और त्वचा से स्पर्श करके ह्रम किसी वस्तु के विषय में ज्ञान प्राप्त करते हैं। आइए, अब एक खेल खेलते हैं, जिसमें आपको अपनी ज्ञानेंद्रियों और बुद्धि का उपयोग करने के अवसर मिलेंगे।

(क) ‘हाँ’ या ‘नहीं’ प्रश्न-उत्तर खेल
चरण
1. एक विद्यार्थी कक्षा से बाहर जाकर दिखाई देने वाली किसी एक वस्तु या स्थान का नाम चुनेगा कंक्षा के भीतर से भी कोई नाम चुना जा सकता है।
2. विद्यार्थी वापस कक्षा में आएगा और उस नाम को एक कागज पर लिख लेगा, लेकिन ध्यान रहे, वह कागज पर लिखे नाम को किसी को न दिखाए।
3. अन्य विद्यार्थी बारी-बारी से उस वस्तु का नाम पता करने के लिए प्रश्न पूछेंगे।
4. प्रत्येक प्रश्न का उत्तर केवल ‘हाँ’ या ‘नहीं’ में दिया जाएगा।
तीन बुद्धिमान Class 7 Question Answer Hindi Chapter 2 6
उदाहरण के लिए –

  • क्या इस वस्तु का उपयोग कक्षा में होता है?
  • क्या यह खाने-पीने की चीज है?
  • क्या यह लकड़ी से बनी है?
  • क्या यह बिजली से चलती है?

5. सभी विद्यार्थी अधिकतम 20 प्रश्न ही पूछ सकते हैं। इसलिए उन्हें सोच-समझकर प्रश्न पूछने होंगे, ताकि वे उस वस्तु का नाम पता कर सकें।
6. यदि 20 प्रश्नों के अंदर विद्यार्थी वस्तु का सही अनुमान लगा लेते हैं, तो वे जीत जाएँगे।
7. अब दूसरे विद्यार्थी को बाहर भेजकर गतिविधि दोहराएँगे।
8. गतिविधि के अंत में सभी मिलकर इस खेल से जुड़े अपने अनुभवों के बारे में चर्चा करें।
उत्तर :
छात्र स्वर्य करें।

तीन बुद्धिमान Class 7 Question Answer Hindi Chapter 2

(ख) गतिविधि-‘स्पर्श, गंध और स्वाद से पहचानना’
1. एक थैले या डिब्बे में (साबधानीपूर्वक एवं सुरक्षित) विभिन्न वस्तुएँ (जैसे-फल, फूल, मसाले, खिलौने, कपड़े, किताब, गुड़ आदि) रखें।
2. विद्यार्थियों को आँखों पर पट्टी बाँघकर केवल स्पर्श, गंध या स्वाद का उपयोग करके वस्तु की पहचान करनी होगी और उसका नाम बताना होगा।
3. बारी-बारी से प्रत्येक विद्यार्थी को बुलाकर उसकी आँखों पर पट्टी बाँधें।
4. उसे डिब्बे से एक वस्तु दी जाए। विद्यार्थी उसे छूकर, सूँघकर, चखकर पहचानने का प्रयास करेंगे।
5. सही पहचान करने के बाद विद्यार्थी बताएँगे कि उन्होंने उस वस्तु को कैसे पहचाना।
6. एक-एक करके सभी विद्यार्थियों को अलग-अलग वस्तुओं को पहचानने का अवसर मिलेगा।
7. अंत में सभी वस्तुओं को कक्षा में दिखाएँ और उनके बारे में चर्चा करें कि किस वस्तु को पहचानना आसान या कठिन लगा।
उत्तर :
छात्र स्वयं करें।

आज की पहेली

आपने पढ़ा कि तीनों बुद्धिमान भाई किस प्रकार अपने अवलोकन से वे बातें भी जान जाते थे, जो अन्य लोग नहीं जान पाते। अब आपके सामने कुछ पहेलियाँ प्रस्तुत हैं, जहाँ आपको कुछ संकेत दिए जाएँगे। संकेतों के आधार पर आपको उत्तर खोजने हैं

तीन बुद्धिमान Class 7 Question Answer Hindi Chapter 2 7

1. कौन है यह प्राणी?

  1. इसकी लंबी पूँछ होती है, जो पेड़ों की शाखाओं के चारों ओर लिपटी रहती है।
  2. इसका मुख्य आहार कीट और छोटे जीव होते हैं, जिन्हें यह चुपके से पकड़ता है।
  3. यह प्राणी अपने परिवेश में घुल-मिल जाता है और अपनी रंगत को बदल सकता है।
  4. इसके पास तेज आँखें होती हैं, जो चारों दिशाओं में देख सकती हैं।

उत्तर :
गिरगिट

तीन बुद्धिमान Class 7 Question Answer Hindi Chapter 2

2. रंगीन डिब्बे

एक मेज पर चार रंगीन डिब्बे बराबर-बराबर रखे हैं-लाल, हरा, नीला और पीला। बताइए पीले डिब्बे के बराबर में कौन-सा डिब्बा है? यदि

  1. लाल डिब्बा नीले डिब्बे के पास है।
  2. हरा डिब्बा पीले डिख्बे के पास नहीं है।
  3. पीला डिब्बा लाल डिब्बे के पास नहीं है।
  4. हरा डिब्बा लाल डिब्बे के पास है।

उत्तर :
नीला डिब्बा

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