Practicing with Malhar Hindi Book Class 7 Solutions Chapter 3 फूल और काँटा कविता के प्रश्न उत्तर Question Answer improves a student’s confidence in the subject.
Class 7 Hindi Chapter 3 Question Answer फूल और काँटा
NCERT Class 7th Hindi Chapter 3 फूल और काँटा Question Answer
कक्षा 7 हिंदी पाठ 3 प्रश्न उत्तर – Class 7 Hindi फूल और काँटा Question Answer
पाठ से
आइए, अब हम इस कविता पर विस्तार से चर्चा करें। आगे दी गई गतिविधियाँ इस कार्य में आपकी सहायता करेंगी।
मेरी समझा से-
(क) कविता के आधार पर नीचे दिए गए प्रश्नों का सटीक उत्तर कौन-सा है? उसके सामने तारा (*) बनाइए। कुछ प्रश्नों के एक से अधिक उत्तर भी हो सकते हैं।
प्रश्न 1.
कविता में काँटे के बारे में कौन-सा वाक्य सत्य है?
- काँटा अपने आस-पास की सुगंध को नष्ट करता है।
- काँटा तितलियों और भाँरों को आकर्षित करता है।
- काँटा उँगलियों को छेदता है और वस्त्र फाड़ देता है। (*)
- काँटा पौधे को हानि पहुँचाता है।

प्रश्न 2.
कविता में फूल और काँटे में समानताओं और विभिन्नताओं का उल्लेख किया गया है। निम्नलिखित में से कौन-सा वाक्य इन्हें सही रूप में व्यक्त करता है?
- फूल सुंदरता का प्रतीक है और काँटा कठोरता का।
- फूल और काँटे के बारे में लोगों के विचार समान होते हैं।
- फूल और करेटि एक ही पौधे पर उगते हैं, लेकिन उनके स्वभाव भिन्न होते हैं। (*)
- फूल और करेंटे को समान देखभाल मिलती है फिर भी उनके रंग-ठंग अलग होते हैं।

प्रश्न 3.
कविता के आधार पर कौन-सा निष्कर्ष उपयुक्त है?
- व्यक्ति का कुल ही उसके सम्मान का आधार होता है।
- व्यक्ति के कार्यों के कारण ही लोग उसका सम्मान करते हैं। (*)
- कुल की प्रतिष्ठा हमेशा व्यक्ति के गुणों से बड़ी होती है।
- यदि व्यक्ति अच्छे कार्य करता है तो उसके कुल को प्रसिद्धि मिलती है।

प्रश्न 4.
कविता के अनुसार निम्नलिखित में से कौन-सा कथन ‘बड़प्पन’ के लिए सर्वाधिक उपयुक्त है?
- धन-दौलत और ताक्रत से व्यक्ति के बड़प्पन का पता चलता है।
- कुल के बड़प्पन की प्रशंसा व्यक्ति की कमियों को ढक देती है।
- बड़प्पन व्यक्ति के गुणों, स्वभाव और कर्मों से पहचाना जाता है। (*)
- कुल का नाम व्यक्ति में बड़प्पन की पहचान का मुख्य आधार है।

(ख) हो सकता है कि आपके समूह के साथियों ने अलग-अलग या एक से अधिक उत्तर चुने हों। अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुने?
उत्तर :
मैने ये उत्तर इसलिए चुने, क्योकि कविता में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि काँटा उँगलियों को चुभता है, जबकि फूल कोमल और सुंदर होता है। फूल और काँटा एक ही पौधे पर होते हैं, फिर भी उनके गुण भिन्न होते हैं। कविता का मुख्य संदेश है कि व्यक्ति का बड़प्पन उसके कर्मों, स्वभाव और गुणों से पहचाना जाता है, न कि केबल उसके कुल से।
पंक्तियों पर चर्चा
पाठ में से चुनकर कुछ पंक्तियाँ नीचे दी गई हैं। इन्हें ध्यान से पढ़िए और इन पर विचार कीजिए। आपको इनका क्या अर्थ समझ में आया? अपने विचार अपने समूह में साझा कीजिए और लिखिए
(क) “मेह उन पर है बरसता एक सा, एक सी उन पर हवायें हैं बही। पर सदा ही यह दिखाता है हमें, ढंग उनके एक से होते नहीं।”
उत्तर :
इन पंक्तियों का अर्थ यह है कि फूल और काँटे दोनों पर एक जैसी बारिश होती है, एक जैसी हृवा बहती है अर्थात् दोनों को समान वातावरण और देखाल मिलती है। फिर भी उनके स्वभाव और व्यवहार में अंतर होता है-फूल कोमलता और सुगंध देता है, जबकि काँटा चुभन या छेद देता है। इससे यह संदेश मिलता है कि केवल परिस्थिति समान होना पर्याप्त नहीं, व्यक्ति के गुण और स्वभाव ही उसे अलग बनाते हैं।
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(ख) “किस तरह कुल की बड़ाई काम दे, जो किसी में हो बड़प्पन की कसर।”
उत्तर :
दी गई पंक्ति का अर्थ है कि यदि किसी व्यक्ति में अच्छे गुण, व्यवहार और कर्मों की कमी है, तो उसके कुल (वंश) की प्रशंसा भी कोई महत्त्व नहीं रखती। केवल उच्च कुल में जन्म लेना बड़प्पन की पहचान नहीं है। असली बड़प्पन व्यक्ति के अपने गुणों और कमों से ही पहचाना जाता है। इसलिए कुल से ज्यादा महत्त्व अच्छे आचरण का है।

मिलकर करें मिलान
इस कविता में ‘फूल’ और ‘काँटा’ के उदाहरण द्वारा लोगों के स्वभावों के अंतर और समानताओं की ओर संकेत किया गया है। दूसरे शब्दों में, ‘फूल’ और ‘काँटा’ प्रतीक के रूप में प्रयोग किए गए हैं। अपने साधियों के साथ मिलकर चर्चा कीजिए कि फूल और काँटा किस-किस के प्रतीक हो सकते हैं। इन्हें उपयुक्त प्रतीकों से जोड़िए

उत्तर :
फूल के लिए उपयुक्त प्रतीक
- दया → परोपकार
- अच्छाई → प्रेम
- सुख → प्रसन्नता
- सुंदरता → आनंद
- कोमलता → प्रेम
काँटा के लिए उपयुक्त प्रतीक
- स्वार्थ → बुराई
- दु:ख → पीड़ा
- कठोरता → पीड़ा
सोच-विचार के लिए
कविता को एक बार पुनः ध्यान से पढ़िए, पता लगाइए और लिखिए-
(क) कविता में ऐसी कौन-कौन-सी समानताओं का उल्लेख किया गया है, जो सभी पौधों पर समान रूप से लागू होती हैं?
उत्तर :
कविता में यह बताया गया है कि फूल और काँटा एक ही पौधे पर जन्म लेते हैं, उन्हें समान पोषण मिलता है। दोनों पर एक जैसी चाँदनी बिखरती है, एक-सा मेघ बरसता है और हवाएँ भी बराबर बहती हैं। अर्थात् प्रकृति छ्वारा दी गई संभी परिस्थितियाँ दोनों के लिए एक समान होती हैं, फिर भी उनके स्वभाव, रूप और व्यवहार में अंतर होता है।
(ख) आपको फूल और काँटे के स्वभाव में मुख्य रूप से कौन-सा अंतर दिखाई दिया?
उत्तर :
फूल और काँटे के स्वभाव में मुख्य अंतर यह है कि फूल अपने कोमल स्वभाष, सुंदरता, सुगंध और मधुरता से सबको आनंद देता है, जबकि काँटा अपनी तीक्ष्णता और कठोरता से दूसरों को कष्ट पहुँचाता है। फूल दूसरों को सुख देता है, जबकि काँटा दूसरों को चुभता और पीड़ा पहुँचाता है। यही अंतर सज्जन और दुर्जन व्यक्तियों के स्वभाव को दर्शाता है।
(ग) कविता में मुख्य रूप से कौन-सी बाते कही गई है? उसे पहचानिए, समझिए और अपने शब्दों में लिखिए।
उत्तर :
कविता में मुख्य रूप से यह बात कही गई है कि मनुष्य का स्वभाव और उसके कर्म ही उसकी पहचान बनाते हैं, न कि उसका जन्म या कुल। जैसे एक ही पौधे पर फूल और काँटा जन्म लेते हैं, समान परिस्थितियों में पलते हैं, फिर भी उनके स्वभाव और कमों में अंतर होता है-फूल सुख और सुगंध बाँटता है, जबकि काँटा पीड़ा देता है। इसी प्रकार अच्छे गुण और व्यवहार ही किसी व्यक्ति को श्रेष्ठ बनाते हैं।
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(घ) “किस तरह कुल की बड़ाई काम दे, जो किसी में हो बड़प्पन की कसर।” उदाहरण देकर समझाइए।
उत्तर :
“किस तरह कुल की बड़ाई काम दे, जो किसी में हो बड़प्पन की कसर।” पंक्ति का अर्थ है कि यदि किसी व्यक्ति में अच्छे गुण, सदाचरण और बड़प्पन की कमी हो, तो उसका कुल या वंश कितना भी महान क्यों न हो, उसका कोई लाभ नहीं होता। उदाहरण के लिए, यदि कोई व्यक्ति किसी प्रतिष्ठित परिवार में जन्म लेता है, लेकिन उसका व्यवहार दुर्व्यवहारपूर्ण और अहंकारी है, तो लोग उसे सम्मान नहीं देते। इसके विपरीत एक साधारण परिवार का विनम्र, ईमानदार और सेवा-भावना से भरा व्यक्ति समाज में आदर पाता है। अत: व्यक्ति की पहचान उसके कमों से होती है, न कि कुल से।
(ङ) “है खटकता एक सब की आँख में, दूसरा है सोहता सुर शीश पर।” लोग कैसे स्वभाव के व्यक्तियों की प्रशंसा करते हैं और कैसे स्वभाव वाले व्यक्तियों से दूर रहना पसंद करते हैं?
उत्तर :
लोग उन व्यक्तियों की प्रशंसा करते हैं, जो विनद्र, मधुरभाषी, सड़दय और दूसरों के लिए उपयोगी होते हैं; जैसे-फूल, जो अपनी सुगंध और सौदर्य से सभी को आकर्षित करता है। ऐसे लोग समाज में सम्मान पाते हैं और देवताओं के समान पूजनीय होते हैं।
इसके विपरीत जो व्यक्ति कठोर, स्वार्थी, हानिकारक और दूसरों को कष्ट देने वाले होते हैं; जैसे काँटा, उनसे लोग दूरी बनाकर रखते हैं और उन्हें नापसंद करते हैं।
अनुमान और कल्पना से

अपने समूह्न में मिलकर चर्चा कीजिए
(क) कल्पना कीजिए कि चाँदनी, हवा और मेघ केवल एक पौधे पर बरसते हैं। बाकी पौधे इन सबके बिना कैसे दिखेंगे और उनके जीवन पर इसका क्या प्रभाव होगा?

उत्तर :
यदि चाँदनी, हवा और मेघ केवल एक पौधे पर बरसें और बाकी पौधों को इनका स्पर्श भी न मिले, तो अन्य पौधे मुरझा जाएँगे, सूख जाएँगे और उनमें जीवन शक्ति नहीं रह पाएगी। वे कमजोर, पीले और बेजान दिखेंगे। उनके फूल नहीं खिलेंगे, पत्तियाँ झड जाएँगी और वे धीरे-धीरे नष्ट हो जाएँगे। इससे यह स्पष्ट होता है कि जैसे सभी पौधों को समान देखभाल और संसाधन चाहिए, वैसे ही समाज में भी सबको बराबरी का अवसर मिलना ज़रूरी है, ताकि वे पूर्ण रूप से विकसित हो सकें।
(ख) यदि सभी पौधे एक जैसे होते तो दुनिया कैसी लगती?
उत्तर :
यदि सभी पौधे एक जैसे होते तो दुनिया एक जैसी, नीरस और उबाऊ लगती। हर जगह एक ही रंग, आकार और गंध के पीधे होते तो प्रकृति की विविधता और सुंदरता समाप्त हो जाती। पक्षियों, तितलियों और अन्य जीवों को भी विविधता से मिलने वाला पोषण और आश्रय नहीं मिल पाता। हर पौधे की अपनी विशेषता होती है और उसी से प्रकृति रंग-बिरंगी और जीवन से भरी लगती है।
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(ग) यदि काँटे न होते और हर पौधा केवल फूलों से भरा होता तो क्या होता?
उत्तर :
यदि काँटे न होते और हर पौधा केवल फूलों से भरा होता, तो पौधों की रक्षा करना कठिन हो जाता। काँटे कई बार पौधे को जानवरों और बाहरी नुक्रसान से बचाते हैं। केवल फूल होने से पौधे सुंदर तो लगते, लेकिन उनकी सुरक्षा कमजोर हो जाती। कर्टे भी प्रकृति का एक जरूरी हिस्सा हैं, जो संतुलन बनाए रखते हैं, इसलिए उनका होना भी उतना ही महत्त्वपूर्ण है, जितना फूलों का।
(घ) कल्पना कीजिए कि एक तितली काँटे से मित्रता करना चाहती है, उनके बीच कैसा संवाद होगा?
उत्तर :
यदि एक तितली काँटे से मित्रता करना चाहे, तो उनके बीच एक दिलचस्प संवाद हो सकता है। तितली कहेगी, “मैं चाहती हूँ कि हम मित्र बनें, तुम भी सुंदर फूल के पास रहते हो। क्यों न हम साथ रहे?” काँटा उत्तर देगा, “मैं तो कठोर हुँ, मुझे चुभना आता है, कहीं तुम्हें चोट न लग जाए।” तितली मुस्कुराकर बोलेगी, “मित्रता चोट से नही, समझ से निभती है। यदि तुम चाहो तो अपने स्वभाव में थोड़ी कोमलता ला सकते हो।” इस संवाद से यह संदेश मिलेगा कि यदि मन में सेह हो, तो भिन्न स्वभाव वाले भी मित्र बन सकते हैं।
(ङ) कल्पना कीजिए कि आपको किसी काँटे, फूल या दोनों के गुर्णों के साथ जीवन जीने का अवसर मिलता है। आप किसके गुणों को अपनाना चाहेंगे? कारण सहित बताइए।
उत्तर :
मैं फूल और काँटे दोनों के गुणों को अपनाना चाहूँगा, क्योकि दोनों की अपनी-अपनी विशेषताएँ हैं। फूल हमें सादगी, सुंदरता, कोमलता और दूसरों को खुशी देने की प्रेरणा देते हैं। वहीं काँटा कठिनाइयों का सामना करना सिखाता है और आत्म-सुरक्षा का भाव जगाता है। जीवन में प्रेम और नम्रता के साथ-साथ साहस और दृकता भी ज़रूरी है, इसलिए दोनों के गुण अपनाना बेहुतर रहेगा।
शब्द से जुड़े शब्द
नीचे दिए गए रिक्त स्थानों में ‘बड़प्पन’ से जुड़े शब्द अपने समूह में चर्चा करके लिखिए

उत्तर :
दयालुता, त्याग, विनम्रता, क्षमा, सहनशीलता, सहानुभूति।
बड्रप्पन
‘बड़प्पन’ शब्द ‘बड़ा’ और ‘पन’ से मिलकर बना है। इसका अर्थ होता है – बड़ाई, श्रेष्ठ या बड़ा होने का भाव, मेहत्त, गौरव। इसका उपयोग मुख्य रूप से व्यक्तित्व, गुण और चरित्र की ऊँचाई या महानता बताने के लिए किया जाता है; जैसे-उनकी सादगी और बड़प्पन ने सबका मन जीत लिया।
नीचे कुछ शब्द दिए गए हैं, जो किसी भाव को व्यक्त करते हैं। इनमें से जो शब्द ‘बड़प्पन’ के भाव व्यक्त करते हैं, उन पर एक गोला बनाइए, जो बड़प्पन का भाव व्यक्त नहीं करते हैं, उनके नीचे रेखा खींचिए।

कविता की रचना

“फूल लेकर तितलियों को गोद में,
भौर को अपना अनूठा रस पिला।
निज सुगंधों औ निराले रंग से,
है सदा देता कली का जी खिला।”
इस पंक्ति में रेखांकित शब्द पर ध्यान दीजिए। क्या आपने इस शब्द को पहले कहीं पढ़ा है? यह शब्द है- ‘और’। कविता में ‘र’ वर्ण नहीं लिखा गया है। कई बार बोलते हुए हम शब्द की अंतिम ध्वनि उच्चरित नहीं करते हैं। कवि भी कविता की लय के अनुसार ऐसा प्रयोग करते हैं। इस कविता में ऐसी अनेक विशेषताएँ छिपी हैं; जैसे- ‘प्यार में डूबी तितलियों’ के स्थान पर ‘प्यार-डूबी तितलियों’ का प्रयोग किया गया है। हर दूसरी पंक्ति का अंतिम शब्द मिलती-जुलती ध्वनि वाला यानी ‘तुकांत’ है आदि।
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(क) अपने समूह के साथ मिलकर इन विशेषताओं की सूची बनाइए। अपने समूह की सूची को कक्षा में सबके साथ साझा कीजिए।
उत्तर :
छात्र स्वयं करें।
(ख) नीचे इस कविता की कुछ विशेषताएँ और वे पंक्तियाँ दी गई हैं, जिनमें ये विशेषताएँ झलकती हैं। विशेषताओं का सही पंक्तियों से मिलान कीजिए। आप कविता की पंक्तियों में एक से अधिक विशेषताएँ दूँढ सकते हैं।

उत्तर :
| कविता की विशेषताएँ | कविता की पंक्तियाँ |
| 1. एक ही वर्ण से शुरू होने वाले दो शब्द एक ही पंक्ति में साथ-साथ आए हैं। | 2. भौंर को अपना अनूठा रस पिला |
| 2. मुहावरे का प्रयोग किया गया है। | 4. है खटकता एक सब की आँख में, दूसरा है सोहता सुर शीश पर |
| 3. प्रश्न पूछा गया है। | 1. किस तरह कुल की बड़ाई काम दे |
| 4. प्राकृतिक वस्तुओं, जैसे- पेड़-पौधों में मानवीय कार्यों और भावनाओं का वर्णन किया गया है। | 2. भौंर को अपना अनूठा रस पिला 5. है सदा देता कली जी की खिला 6. फूल लेकर तितलियों को गोद में |
| 5. एक-दूसरे के विपरीत अर्थ वाले शब्दों का प्रयोग किया गया है। | 4. है खटकता एक सब की आँख में, दूसरा है सोहता सुर शीश पर |
कविता का सौंदर्य
(क) आगे कविता की कुछ पंक्तियाँ दी गई हैं। इनमें कुछ शब्द हटा दिए गए हैं और साथ में मिलते-जुलते अर्थ वाले शब्द भी दिए गए हैं। इनमें से प्रत्येक शब्द से वह पंक्ति पूरी करके देखिए, जो शब्द उस पंक्ति में जँच रहे हैं, उन पर घेरा बनाइए।
1. हैं जनम लेते जगह में एक ही,
एक ही पौधा उन्हें है पालता।
______ में उन पर चमकता ______ भी, (रात, रात्रि, रजनी, निशा) (शशि, चंद्रमा, चाँद, राकेश, इंदु)
एक ही सी चाँदनी है डालता।
2. ______ उन पर है बरसता एक सा, (मेलु, बादल, मेघ, जलद)
एक सी उन पर ________ हैं बही। (वायु, पवन, समीर, मारूत, बयारें, हवायें)
पर सदा ही यह दिखाता है हमें,
ढंग उनके एक से होते नहीं।
उत्तर :
छात्र स्वर्य करें।
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(ख) अपने समूह में चर्चा करके पता लगाइए कि कौन-सा शब्द रिक्त स्थानों में सबसे अधिक साधियों को जँच रहा है और क्यों?
उत्तर :
हात्र स्वर्य करें।
विशेषण

“मौंर का है बेध देता श्याम तन।”
‘श्याम तन’ का अर्थ है-काला शरीर। यहाँ ‘श्याम’ शब्द भँवरे के ‘शरीर’ की विशेषता बता रहा है अर्थात् ‘श्याम’ ‘विशेषण’ है। ‘तन’ एक संज्ञा शब्द है, जिसकी विशेषता बताई जा रही है अर्थात् ‘तन’ ‘विशेष्य’ शब्द है।
(क) नीचे दी गई पंक्तियों में विशेषण और विशेष्य शब्दों की पहचान करके लिखिए

(ख) नीचे दिए गए विशेष्यों के लिए अपने मन से विशेषण सोचकर लिखिए-


उत्तर :
1. रंग-बिरंगा, सुगंधित
2. नुकीला, कठोर
3. ठंडा, झमाझा
4. उजला, सुंदर
5. शांत, अँधेरी
पाठ से आगे
आपकी बात-
(क) यदि आपको फूल और काँटे में से किसी एक को चुनना हो तो आप किसे चुनेंगे और क्यों?
उत्तर :
यदि मुझे फूल और काँटे में से किसी एक को चुनना हो, तो मै ‘फूल’ को चुनूँगा, क्योकि फूल अपने कोमल स्पर्श, मधुर सुगंध और सुंदर रंगों से न सिर्फ वातावरण को सजाता है, बल्कि लोगों के मन में प्रसन्नता और शांति भी भर देता है।
फूल न किसी से कुछ माँगता है, न शिकायत करता है-फिर भी सबको मुस्कान देता है। फूल प्रेम, करुणा और सकारात्मकता का प्रतीक है।
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(ख) कविता में बताया गया है कि फूल अपनी सुगंध और व्यवहार से चारों ओर प्रसन्नता और आनंद फैला देता है। आप अपने मित्रों या परिवार के जीवन में प्रसन्नता और आनंद लाने के लिए क्या-क्या करते हैं और क्या-क्या कर सकते हैं?
उत्तर :
मैं अपने मित्रों और परिवार के जीवन में प्रसन्नता और आनंद लाने के लिए कई छोटे-छोटे काम करता हूँ; जैसे-मै सबके साथ प्रेमपूर्वक व्यवहार करता हुँ, समय पर उनकी मदद करता हुँ, बड़ों का सम्मान और छोटों से स्नेह करता हूँ।
मैं घर का वातावरण खुशहाल बनाने के लिए मुस्कान और सहयोग से भरा व्यवहार अपनाता हूँ। आगे चलकर मैं यह भी कर सकता हूँ कि सबकी भावनाओं का और अधिक ध्यान रखूँ, उनके सुख-दुःख में साथ रहूँ और उत्सवों को मिलजुलकर मनाऊँ, ताकि सबके जीवन में खुशी बनी रहे।
(ग) ‘फूल’ और ‘काँटे’ एक-दूसरे से बिल्कुल भिन्न हैं फिर भी साथ-साथ पाए जाते हैं। अपने आस-पास से ऐसे अन्य उदाहरण दीजिए।
(संकेत-वस्तुएँ ; जैसे- नमक और चीनी, स्वभाव; जैसे- शांत और क्रोधी, स्वाद; जैसे- खट्टा-मीठा, रंग; जैसे- काला-सफेद, अनुभव; जैसे- सुख-दुःख आदि)
उत्तर :
- गर्मी और सदी
- दिन और रात
- अच्छाई और बुराई
- प्रेम और घृणा
- पानी और आग
- कड़वा और मीठा
(घ) “छेद कर काँटा किसी की उँगलियाँ, फाड़ देता है किसी का वर बसन।” आप अपने आस-पास की किसी समस्या का वर्णन कीजिए, जिसे आप ‘काँटे’ के समान महसूस करते हैं। उस समस्या का समाधान भी सुझाइए।
उत्तर :
मेरे आस-पास की एक ऐसी समस्या, जो मुझे काँटे के समान चुभती है, वह है कूड़ा-कचरे का इधर-उधर फेंका जाना। लोग सड़कों, गलियों और पार्कों में बिना सोचे-समझे कचरा फेंक देते है, जिससे न केवल गंदगी फैलती है, चल्कि बीमारियाँ भी होती हैं। यह दृश्य आँखों को खटकता है और आसपास की सुंदरता को भी बिगाइ देता है। यह समस्या बिल्कुल काँटे की तरह है, जो समाज की सुंदरता को नुकसान पहुँचाती है। इसका समाधान यह हो सकता है कि हर जगह पर्याप्त मात्रा में कूड़ेदान लगाए जाएँ और लोग स्वच्छता के प्रति जागरूक बनें, साथ ही स्कूलों और मोहल्लों में स्वच्छता अभियान चलाकर लोगों को इसकी जिम्मेदारी समझाई जाए। यदि हर व्यक्ति यह ठान ले कि बह अपने आस-पास गंदगी नहीं फैलाएगा, तो यह कोंटे जैसी समस्या भी खत्म हो सकती है।
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सृजन
(क) इस कविता के बारे में एक चित्र बनाइए। आप चित्र में जहाँ चाहें, अपने मनोनीत रंग भर सकते हैं। आप बिना रंगों या केवल उपलब्ध रंगों की सहायता से मी चित्र बना सकते हैं। चित्र बिल्कुल मौलिक लगे इसकी चिंता करने की भी आवश्यकता नहीं है। आप अपनी कल्पना को जैसे मन करे, वैसे साकार कर सकते हैं।

उत्तर :
छात्र स्वयं करें।
(ख) मान लीजिए कि फूल और काँटे के बीच बातचीत हो रही है। उनकी बातचीत या संवाद अपनी कल्पना से लिखिए। संवाद का विषय निम्नलिखित हो सकता है-

- उनके गुणों और विशेषताओं पर चर्चा।
- यह समझाना कि उनका जीवन में क्या योगदान है।
उदाहरण
- फूल-मैं दूसरों के जीवन में सुगंघ और सुख फैलाने आया हूँ।
- काँटा-और में संघर्ष की याद दिलाने और सुरक्षा देने के लिए हैं।
उत्तर :
फूल और काँटे के बीच संवाद
- फूल मैं अपनी खुशबू और रंगों से सबका मन मोह लेता हूँ।
- काँटा और मैं उन्हें कठिनाइयों का सामना करना सिखाता हुँ।
- फूल मेरी कोमलता स्नेह और प्रेम का प्रतीक है।
- काँटा मेरी कठोरता सुरक्षा और सतर्कता का संदेश देती है।
- फूल जीवन में कोमलता जरूरी है।
- काँटा और साथ ही मजबूती भी। तभी जीवन संतुलित रहता है।
- फूल हम दोनों का अपना महत्त्व है, बिना एक के दूसरा अधूरा है।
- काँटा सही कहा तुमने! तुम आनंद और सौंदर्य हो और मैं सुरक्षा और संघर्ष का प्रतीक। जीवन में दोनों की आवश्यकता है।
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वाद-विवाद
विभिन्न समूह बनाकर कक्षा में एक वाद-विवाद गतिविधि का आयोजन कीजिए। इसके लिए विषय है- ‘जीवन में फूल और काँटे, दोनों की आवश्यकता होती हैं।
कक्षा में वाद-विवाद गतिविधि का आयोजन करने के लिए कुछ सुझाव निम्नलिखित हैं
1. आपकी कक्षा में पहले से सात-आठ समूह बने होंगे। आधे समूह ‘फूल’ के पक्ष में तर्क देंगे। आधे समूह ‘काँटे’ के पक्ष में तर्क देंगे।
2. एक समूह निर्णायक मंडल की भूमिका निभाएगा। निर्णायक मंडल का काम होगा
- तर्कों को ध्यान से सुनना।
- प्रस्तुति शैली और तर्कों की गहराई के आधार पर अंकों का निर्धारण करना।
3. प्रत्येक समूह को तैयारी के लिए 15 मिनट का समय मिलेगा, ताकि वे अपने तर्क तैयार कर सकें। सभी समूह अपने-अपने तर्क मिलकर सोचेंगे और लिखेंगे।
4. प्रत्येक समूह को अपने पक्ष में बोलने के लिए तीन-चार मिनट का समय मिलेगा। दूसरा समूह पहले समूह के तकों पर एक-दो मिनट में उत्तर देगा या उनसे प्रश्न पूछेगा।
5. सभी प्रतिभागियों को एक-दूसरे की बात ध्यान से सुननी होगी। बीच में टोकने की अनुमति किसी को नहीं होगी।
6. सभी समूहों का क्रम तय किया जाएगा। वाद-विवाद के लिए क्रम इस प्रकार हो सकता है
समूह 1 (फूल के पक्ष में)
समूह 2 (कौटे के पक्ष में)
समूह 3 (फूल के पक्ष में)
समूह 4 (काँटे के पक्ष में)
और इसी क्रम से आगे बढ़ें।

7. जो समूह निर्णायक मंडल का कार्य कर रहा है, वह वाद-विवाद के अंतराल में तर्क, भाषा कौशल और प्रस्तुति शैली के आधार पर अंकों का निधार्रण करेगा।
8. निर्णायक मंडल अंकों के आधार पर विजेता समूह का निर्णय करेगा।
9. समूहों के प्रयासों के लिए तालियाँ बजाएँ और उनकी प्रर्शंसा करें। संभव हो तो विजेता समूह को कोई पुरस्कार या प्रमाण-पत्र दिया जा सकता है।
10. विद्यार्थी वाद-विवाद गतिविधि के अनुभवों पर एक अनुच्छेद भी लिख सकते हैं।
उत्तर :
छात्र स्वयं करें।
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आज की पहेली
नीचे कुछ ऐसे पेड़-पौधों के चित्र दिए गए हैं, जिनमें फूल और काँटे साथ-साथ पाए जाते हैं। चित्रों को सही नामों के साथ रेखा खींचकर जोड़िए
वर्णन-
