नहीं होना बीमार Class 7 Question Answer Hindi Chapter 5

Practicing with Malhar Hindi Book Class 7 Solutions Chapter 5 नहीं होना बीमार कहानी के प्रश्न उत्तर Question Answer improves a student’s confidence in the subject.

Class 7 Hindi Chapter 5 Question Answer नहीं होना बीमार

NCERT Class 7th Hindi Chapter 5 नहीं होना बीमार Question Answer

कक्षा 7 हिंदी पाठ 5 प्रश्न उत्तर – Class 7 Hindi नहीं होना बीमार Question Answer

पाठ से

मेरी समझ से

(क) नीचे दिए गए प्रश्नों का सही उत्तर कौन-सा है? उसके सामने तारा (*) बनाइए। कुछ प्रश्नों के एक से अधिक उत्तर भी हो सकते हैं।

प्रश्न 1.
बच्चे के विद्यालय न जाने का मुख्य कारण क्या था?

  • उसका विद्यालय जाने का मन नहीं था।
  • उसका साबूदाने की खीर खाने का मन था।
  • उसने गृहकार्य नहीं किया था। (*)
  • उसे बुखार हो गया था।

नहीं होना बीमार Class 7 Question Answer Hindi Chapter 5 1

प्रश्न 2.
कहानी के अंत में बच्चे ने कहा, “इसके बाद स्कूल से छुट्टी मारने के लिए मैंने बीमारी का बहाना कभी नहीं बनाया।” बच्चे ने यह निर्णय लिया, क्योंकि

  • घर में रहने के बजाय विद्यालय जाना अधिक रोचक है। (*)
  • बीमारी का बहाना बनाने से साबूदाने की खीर नहीं मिलती।
  • झूठ बोलने से झूठ के खुलने का डर हमेशा बना रहता है।
  • इस बहाने के कारण उसे दिनभर अकेले और भूखे रहना पड़ा।

नहीं होना बीमार Class 7 Question Answer Hindi Chapter 5 2

प्रश्न 3.
“लेटे-लेटे पीठ दुखने लगी” इस बात से बच्चे के बारे में क्या पता चलता है?

  • उसे बिस्तर पर लेटे रहने के कारण ऊब हो गई थी। (*)
  • उसे अपनी बीमारी की कोई चिंता नहीं रह गई थी।
  • वह बिस्तर पर आराम करने का आनंद ले रहा था।
  • बीमारी के कारण उसकी पीठ में दर्द हो रहा था।

प्रश्न 4.
“क्या ठाठ हैं बीमारों के भी?” बच्चे के मन में यह बात आई, क्योंकि

  • बीमार व्यक्ति को बहुत आराम करने को मिलता है।
  • बीमार व्यक्ति को अच्छे खाने का आनंद मिलता है। (*)
  • बीमार व्यक्ति को विद्यालय नहीं जाना पड़ता है।
  • बीमार व्यक्ति अस्पताल में शांति से लेटा रहता है।

नहीं होना बीमार Class 7 Question Answer Hindi Chapter 5

(ख) हो सकता है कि आपके समूह के साथियों ने अलग-अलग उत्तर चुने हों। अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुनें?
उत्तर :
पहले प्रश्न में बच्चे का स्कूल न जाने का मुख्य कारण उसका गृहकार्य न करना था, जिसे उसने स्वयं स्वीकार किया। दूसरे प्रश्न में बच्चे ने अंत में यह फैसला इसलिए किया कि उसे एहसास हुआ कि घर पर रहना उतना मजेदार नहीं जितना उसने सोचा था, जबकि स्कूल जाना उससे कहीं बेहतर होता है। तीसरे प्रश्न में, ‘लेटे-लेटे पीठ दुखने लगी’, जिससे यह साफ पता चलता है कि बच्चा लेटे-लेटे ऊब गया था, क्योकि वह बीमार नहीं था और आराम करने का आनंद भी नहीं ले पा रहा था। चौथे प्रश्न में, जब उसने अस्पताल में सुधाकर काका को अच्छे खाने का मजा लेते देखा, तो उसके मन में ‘क्या ठाठ हैं बीमारों के भी!’ जैसी बात आई।

मिलकर करें मिलान

पाठ में से चुनकर कुछ शब्द नीचे दिए गए हैं। अपने समूह में इन पर चर्चा कीजिए और इन्हें इनके सही अर्थों से मिलाइए। इसके लिए आप शब्दकोश, इंटरनेट या अपने परिजनों और शिक्षकों की सहायता ले सकते हैं।
नहीं होना बीमार Class 7 Question Answer Hindi Chapter 5 3
उत्तर :

शब्द अर्थ
1. साबूदाना 8. सागू नामक वृक्ष के तने का गूदा, सागूदाना, यह पहले आटे के रूप में होता है और फिर कूटकर दानों के रूप में सुखा लिया जाता है।
2. वार्ड 1. किसी विशिष्ट कार्य के लिए घेरकर बनाया हुआ स्थान ।
3. नर्स 9. वह व्यक्ति जो रोगियों, घायलों या वृद्धों आदि की देखभाल करे।
4. रजाई 2. एक प्रकार का जाड़े का ओढ़ना जिसका कपड़ा दोहरा होता है और जिसमें रुई भरी होती है।
5. थर्मामीटर 3. शरीर का तापमान (जैसे बुखार) नापने का एक छोटा यंत्र ।
6. कढ़ा 4. कई तरह की जड़ी-बूटियों और औषधियों को उबालकर उनके रस से बना पेय होता है। इसे सर्दी-जुकाम, खाँसी – बुखार और पाचन से जुड़ी समस्याओं में लाभदायक माना जाता है।
7. ड्राइक्लीनर 5. रेशमी, ऊनी, मलमल जैसे नाजुक कपड़ों को पानी, साबुन और डिटर्जेंट के बिना मशीनों से साफ करने वाला व्यक्ति ।
8. ताजमहल 6. उत्तर प्रदेश के आगरा शहर में स्थित 17वीं सदी में निर्मित एक विश्व-प्रसिद्ध स्मारक जो सफेद संगमरमर से बना है।
9. अरहर 7. एक दाल जिसे तुअर भी कहते हैं।

नहीं होना बीमार Class 7 Question Answer Hindi Chapter 5

पंक्तियों पर चर्चा

पाठ में से चुनकर कुछ पंक्तियाँ नीचे दी गई हैं। इन्हें ध्यान से पढ़िए और इन पर विचार कीजिए। आपको इनका क्या अर्थ समझ में आया? अपने विचार अपने समूह में साझा कीजिए और लिखिए
(क) “मैंने सोचा बीमार पड़ने के लिए आज का दिन बिल्कुल ठीक रहेगा। चलो बीमार पड़ जाते हैं।”
उत्तर :
उक्त पंक्ति से यह पता चलता है कि बच्चे ने जानबूझकर स्कूल न जाने के लिए बीमारी का बहाना बनाया। उसने सोचा कि आज स्कूल का दिन टालने के लिए बीमार पड़ जाना अच्छा रहेगा। यह उसकी मासूम और चतुर सोच को दर्शाता है, जहाँ वह बीमारी को एक बहाने के रूप में देख रहा है। यह झूठ बोलने की एक सामान्य बालसुलभ प्रवृत्ति को दिखाता है।

(ख) “देखो। उन्होंने एक बार भी आकर नहीं पूछा कि तू क्या खाएगा? पूछते तो मैं साबूदाने की खीर ही तो माँगता। कोई ताजमहल तो नहीं माँग लेता। लेकिन नहीं! भूखे रहों! इससे सारे विकार निकल जाएँगे। विकार निकल जाएँ बस। चाहे इस चक्कर में तुम खुद शिकार हो जाओ।”
उत्तर :
उक्त पंक्ति से बच्चे की नाराज़गी और निराशा झलकती है। उसने बीमारी का बहाना बनाकर स्वादिष्ट खाने की उम्मीद की थी, लेकिन उसे दिनभर किसी ने नहीं पूछा कि वह क्या खाना चाहता है। वह मज़ाक में कहता है कि उसने ताजमहल तो नहीं माँगा था, बस साबूदाने की खीर माँगी थी। उसकी यह बात दिखाती है कि उसे उम्मीद के विपरीत उपेक्षा मिली, जिससे वह दु:खी और गुस्से में है।

सोच-विचार के लिए

नहीं होना बीमार Class 7 Question Answer Hindi Chapter 5 4

पाठ को एक बार फिर ध्यान से पढ़िए, पता लगाइए और लिखिए

(क) अस्पताल में बच्चे को कौन-कौन सी चीर् अच्छी लर्गीं और क्यों?
उत्तर :
अस्पताल में बच्चे को कई चीजें अच्छी लगीं; जैसे-सफेद चादरवाला साफु-सुथरा बिस्तर, नर्स की सेवा, थर्मामीटर से तापमान नापना, इंजेक्शन देना और डॉक्टर का गंभीर व्यवहार। उसे यह सब किसी खेल जैसा लगा। उसे लगा कि बीमार होना भी मज़ेदार है, क्योकि सब लोग बीमार को बहुत ध्यान और आराम देते हैं। उसे लगा जैसे वह किसी विशेष सम्मान का पात्र बन गया हो।

(ख) कहानी के अंत में बच्चे को महसूस हुआ कि उसे स्कूल जाना चाहिए था। क्या आपको लगता है कि उसका निर्णय सही था? क्यों?
उत्तर :
हाँ, मुझे लगता है कि बच्चे का निर्णय बिल्कुल सही था। उसने बीमारी का झूठा बहाना बनाकर छुट्टी ली, लेकिन घर पर बह बहुत ऊब गया और उसे भूखा भी रहना पड़ा। उसे एहसास हुआ कि स्कूल में पढ़ाई के साथ-साथ दोस्त, खेल और मस्ती भी होती है, जबकि घर पर अकेलापन और बोरियत मिलती है। इसलिए उसने तय किया कि झुठ बोलकर छुट्टी लेना ठीक नहीं और पढ़ाई के लिए स्कूल जाना ज़रूरी है।

नहीं होना बीमार Class 7 Question Answer Hindi Chapter 5

(ग) जब बच्चा बीमार पड़ने का बहाना बनाकर बिस्तर पर लेटा रहा, तो उसके मन में कौन-कौन से भाव आ रहे थे?
(संकेत- मन में उत्पन्न होने वाले विकार या विचार को भाव कहते हैं, उदाहरण के लिए – क्रोध, दुःख, भय, करुणा, प्रेम आदि।)

नहीं होना बीमार Class 7 Question Answer Hindi Chapter 5 5
उत्तर :
जब बच्चा बीमार पड़ने का बहाना बनाकर बिस्तर पर लेटा रहा, तो उसके मन में कई तरह के भाव उत्पन्न हुए। शुरुआत में उसे बहुत उत्साह और आनंद का अनुभव हुआ कि वह स्कूल नहीं जा रहा और आराम कर रहा है, लेकिन जैसे-जैसे दिन बीतता गया, उसके मन में उदासी, अकेलापन, भूख, गुस्सा और पछतावा जैसे भाव आने लगे। उसे क्रोध आया कि किसी ने उससे खाने के लिए भी नहीं पूछा और अंत में उसे पश्चाताप हुआ कि झूठ बोलकर उसने ठीक नहीं किया।

(घ) कहानी में बच्चे ने सोचा था कि “ठाठ से साफ-सुथरे बिस्तर पर लेटे रहो और साबूदाने की खीर खाते रहो।” आपको क्या लगता है, असल में बीमार हो जाने और इस बच्चे की सोच में कौन-कौन सी समानताएँ और अंतर होंगे?
(संकेत- आप अपने अनुभवों के आधार पर इस प्रश्न पर विचार कर सकते हैं कि कहानी वाले बच्चे की कल्पना वास्तविकता से कितनी अलग है।)
उत्तर :
कहानी में बच्चे ने सोचा था कि बीमार होने पर उसे आराम मिलेगा, साफ-सुधरे बिस्तर पर लेटे रहकर स्वादिष्ट खाना, जैसे-साबूदाने की खीर खाने को मिलेगीं और सब उसका ध्यान रखेंगे, लेकिन असल में बीमार होना बहुत कष्टदायक होता है। शरीर में कमजोरी, भूख न लगना, दवाइयों का सेवन और अकेलेपन का अनुभव होता है। बच्चे की सोच में बीमार होना एक मज़ेदार और आरामदायक अनुभव था, जबकि वास्तविकता में बीमारी दुखद और असहज होती है। यह अंतर उसे दिनभर के अनुभव के बाद समझ में आया, जब उसने अकेलापन, भूख और उपेक्षा झेली। यह अनुभव उसे सिखा गया कि झुठ बोलना और बीमारी का बहाना बनाना ठीक नहीं है।

(ङ) नानीजी और नानाजी ने बच्चे को बीमारी की दवा दी और उसे आराम करने को कहा। बच्चे को खाना नहीं दिया गया। क्या आपको लगता है कि उन्होंने सही किया? आपको ऐसा क्यों लगता है?
उत्तर :
हाँ, मुझे लगता है कि नानीजी और नानाजी ने सही किया। जब किसी को बुखार होता है या शरीर में कोई विकार होता है, तो शरीर को हल्का और सादा भोजन देना चाहिए या कुछ समय के लिए उपवास करवाना मी लाभदायक होता है। उन्होने बच्चे की भलाई के लिए ही उसे आराम करने और खाना न खाने की सलाह दी। यह उनकी देखभाल और अनुभव को दर्शाता है।

नहीं होना बीमार Class 7 Question Answer Hindi Chapter 5

अनुमान और कल्पना से

(क) कहानी के अंत में बच्चा नानाजी और नानीजी को सब कुछ सच-सच बताने का निर्णय कर लेता तो कहानी में आगे क्या होता? (संकेत- उसका दिन कैसे बदल जाता? उसकी सोच और अनुभव कैसे होते?)
उत्तर :
यदि बच्चा कहानी के अंत में नानाजी और नानीजी को सब कुछ सच-सच बता देता, तो उसका दिन पूरी तरह बदल जाता। बह झूठ बोलने की चिंता और अपराधबोध से मुक्त हो जाता। नानाजी और नानीजी पहले तो आश्चर्यचकित और थोड़े नाराज़ होते, लेकिन बच्चे की ईमानदारी से प्रसन्न भी होते। वे उसे समझाते कि जिम्मेदार होना क्यों जरूरी है। बच्चा स्वसं भी यह समझ जाता कि सच्चाई बोलना और गलती स्वीकार करना साहसिक और सही कदम होता है। इस अनुभव से उसकी सोच में परिपक्वता आती और वह आगे से बिना बहाने के अपने कर्त्तव्यों को निभाने का प्रयास करता।

(ख) कहानी में बच्चे की नानीजी के स्थान पर आप हैं। आप सारे नाटक को समझ गए हैं, लेकिन चाहते हैं कि बच्चा सारी बात आपको स्वयं बता दे। अब आप क्या करेंगे?
(संकेत – इस सवाल में आपको नानीजी की जगह लेकर सोचना है और एक मनोरंजक योजना बनानी है, जिससे बच्चा आपको स्वयं सारी बातें बता दे।)

नहीं होना बीमार Class 7 Question Answer Hindi Chapter 5 6
उत्तर :
अगर मैं नानीजी की जगह होती और मुझे समझ आ जाता कि बच्चा झूठ बोलकर बीमार होने का नाटक कर रहा है, तो मैं गुस्सा करने की बजाय उसे स्वयं सच बताने का अवसर देती। मैं उससे प्यार से बात करती, उसके पास बैठती और उसका मन टटोलती। बीच-बीच में मज़ाकिया ढंग से संकेत देती; जैसे-‘आज तो तबीयत बड़ी फिल्मी लग रही हैं’ या ‘साबूदाने की खीर खाए बिना भी बुखार ठीक हो गया लगता है!’ इससे बच्चा स्वयं ही थोड़ी देर में सच बोल देता। फिर मैं हँसते हुए उसे समझाती कि झूठ से ज्यादा मज़ा सच्चाई में है, और उसे गले लगाकर उसका मन हल्का कर देती।

(ग) कहानी में बच्चे के स्थान पर आप हैं और घर में अकेले हैं। अब आप ऊबने से बचने के लिए क्या-क्या करेंगे?
उत्तर :
छात्र स्वयं करें।

(घ) कहानी के अंत में बच्चे को लगा कि उसे स्कूल जाना चाहिए था। कल्पना कीजिए, अगर वह स्कूल जाता तो उसका दिन कैसा होता? अगले दिन जब वह स्कूल गया होगा, तो उसने क्या-क्या किया होगा?
उत्तर :
अगर बच्चा उस दिन स्कूल चला गया होता, तो उसका दिन काफी अच्छा बीतता। वह अपने दोस्तों के साथ खेलता, बातें करता और पढ़ाई भी करता। शिक्षक की नई बातें सीखने को मिलर्ती और वह घर लौटते समय बहुत अच्छा महसूस करता। अगले दिन जब वह स्कूल गया होगा, तो उसने सबसे पहले अपने दोस्तों को पिछली छुट्टी का कारण बताया होगा, शायद थोड़ी शमिदगी भी महसूस की होगी। फिर वह ध्यान से पढ़ाई में जुट गया होगा और तय किया होगा कि आगे से बिना कारण स्कूल से छुट्टी नहीं लेगा।

नहीं होना बीमार Class 7 Question Answer Hindi Chapter 5

(ङ) कहानी में नानाजी और नानीजी ने बच्चे की बीमारी ठीक करने के लिए उसे दवाई दी और खाने के लिए कुछ नहीं दिया। अगर आप नानीजी या नानाजी की जगह होते तो क्या-क्या करते?
उत्तर :
अगर मैं नानीजी या नानाजी की जगह होता, तो सबसे पहले मै बच्चे को समझाता कि बीमार होने पर आराम और सही इलाज ही सबसे जरूरी होता है। दवाई के साथ-साथ, अगर बच्चे को भूख लगती तो हल्का और सुपाच्य भोजन, जैसे सूप या दलिया अदि दे सकता था, ताकि वह ठीक से आराम कर सके। साथ ही, उसे यह मी बताता कि बीमारी के दैरान ज्यादा खाने से सेहत पर उल्टा असर पड़ सकता है। बच्चे को मानसिक रूप से सहारा देने के लिए मैं उसकी चिंता और बेचैनी को समझता और उसे उत्साहित करता कि बह जल्दी स्वस्थ हो जाएगा।

कहानी की रचना

“अस्पताल का माहौल मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था। बड़ी-बड़ी खिड़कियों के पास हरे-हरे पेड़ झूम रहे थे। न ट्रैफिक का शोरगुल, न धूल, न मच्छर-मक्खी…। सिर्फ लोगों के धीरे-धीरे बातचीत करने की धीमी-धीमी गुनगुन। बाकी एकदम शांति।”
इन पंक्तियों पर ध्यान दीजिए। इन पंक्तियों में ऐसा लग रहा है मानो हमारी आँखों के सामने अस्पताल का चित्र-सा बन गया हो। लेखन में इसे ‘चित्रात्मक भाषा’ कहते हैं। अनेक लेखक अपनी रचना को रोचक और सरस बनाने के लिए उपयुक्त स्थानों पर अनेक वस्तुओं, कार्यों, स्थानों आदि का विस्तार से वर्णन करते हैं।
लेखक ने इस कहानी को सरस और रोचक बनाने के लिए और भी अनेक तरीकों का उपयोग किया है। उदाहरण के लिए, उन्होंने कहानी में ‘बच्चे द्वारा कल्पना करने’ का भी प्रयोग किया है (जब बच्चा अकेले लेटे-लेटे घर और बाहर के लोगों के बारे में सोच रहा है)। इस कहानी में ऐसी कई विशेषताएँ छिपी हैं।

(क) इस पाठ को एक बार फिर से पढ़िए और अपने समूह में मिलकर इस पाठ की अन्य विशेषताओं की सूची बनाइए। अपने समूह की सूची को कक्षा में सबके साथ साझा कीजिए।
उत्तर :
कहानी की विशेषताएँ

  • चित्रात्मक भाषा लेखक ने दृश्यात्मक अनुभव देने के लिए सुंदर चित्रण किया; जैसे- ‘हरे-हरे पेड़ झूम रहे थे’।
  • कल्पना का प्रयोग बच्चे की बचपने की कल्पनाओं को विस्तार से दिखाया गया; जैसे- साबूदाने की खीर खाना।
  • मानसिक स्थिति का चित्रण लेखक ने बच्चे के मानसिक बदलाबों को अच्छे से दर्शाया; जैसे- बीमार होने के फायदे से ऊबने तक।
  • भावनात्मक उतार-चढ़ाव बच्चे के बदलते भावनात्मक दृष्टिकोण को दिखाया; जैसे- पहले मजा लेना और फिर स्कूल जाने का निर्णय।
  • स्वाभाविक भाषा संवाद और घटनाएँ स्वाभाविक और आसान तरीके से प्रस्तुत की गई हैं।
  • विवरणात्मक शैली घटनाओं का विस्तार से वर्णन किया गया; जैसे- साबूदाने की खीर और नानीजी-नानाजी का व्यवहार।
  • सहज भाषा सरल भाषा में बच्चे की मानसिकता और घटनाएँ व्यक्त की गई हैं।

नहीं होना बीमार Class 7 Question Answer Hindi Chapter 5

(ख) कहानी में से निम्नलिखित के लिए उदाहरण खोजकर लिखिए
नहीं होना बीमार Class 7 Question Answer Hindi Chapter 5 7
उत्तर :

विशेष बिंद कहानी में से उदाहरण
बच्चे द्वारा पिछली बातों को याद किया जाना चंदूभाई ड्राइक्लीनर क्या कर रहे हैं, तेजराम की दुकान पर कितने ग्राहक बैठे हैं? महेश घी सेंटर ने मलाई का भगोना आँच पर चढ़ाया या नहीं आदि।
हास्य यानी हँसी-मजाक का उपयोग किया जाना मुन्नू आम चूस रहा था। पूरी गुठली मुँह में ठूसे । भुक्कड़ कहीं का।
बच्चे द्वारा सोचने के तरीके में बदलाव आना स्कूल से छुट्टी मारने के लिए बीमारी का बहाना कभी नहीं बनाना।
कहानी में किसी का किसी बात से अनजान होना बच्चे को यह पता नहीं था  कि बीमारी का झूठा बहाना बनाने पर उसे सारा दिन भूखा रहना होगा। वह इस बात से अनजान था ।
बच्चे द्वारा स्वयं से बातें किया जाना अब नानीजी से जाकर कहूँ कि भूख लग रही है तो वह क्या करेंगी। ज्यादा से ज्यादा यही कि दूध पी ले या नानाजी से पूछने जाएगी। नानाजी कहेंगे कि तबियत

नहीं होना बीमार Class 7 Question Answer Hindi Chapter 5

समस्या और समाथान

कहानी को एक बार पुन: पढ़कर पता लगाइए
(क) बच्चे के सामने क्या समस्या थी? उसने उस समस्या का क्या समाधान निकाला?
उत्तर :
बच्चे के सामने यह समस्या थी कि उसने स्कूल का होमवर्क नहीं किया था और उसे डर था कि स्कूल जाकर उसे सजा मिल सकती है। इस समस्या से बचने के लिए उसने बीमार होने का बहाना बनाया और कहा कि उसे सिरदर्द, पेटदर्द और बुखार है। वह पूरे दिन रजाई में लेटा रहा, ताकि उसे स्कूल न जाना पड़े और वह सजा से बच सके।

(ख) नानीजी-नानाजी के सामने क्या समस्या थी? उन्होंने उस समस्या का क्या समाधान निकाला?
उत्तर :
नानीजी और नानाजी के सामने यह समस्या थी कि उनका पोता बीमार होने का बहाना बनाकर स्कूल नहीं जाना चाहता था। वह बिस्तर पर लेटकर आराम करना और साबूदाने की खीर खाना चाहता था। नानीजी और नानाजी ने बच्चे को दवाई दी और उसे आराम करने के लिए कहा, लेकिन उसे खाने के लिए कुछ नहीं दिया। उनका उद्देश्य था कि बच्चे को समझाया जाए कि वीमारी का बहाना बनाना सही नहीं है और उसे आराम के साथ-साथ स्वस्थ रहने के लिए आवश्यक दवाइयाँ भी दी। इस तरह, उन्होंने बच्चे की मानसिकता को ठीक करने का प्रयास किया।

शब्द से जुड़े शब्द

नीचे दिए गए स्थानों में ‘बीमार’ से जुड़े शब्द पाठ में से चुनकर लिखिए
नहीं होना बीमार Class 7 Question Answer Hindi Chapter 5 8
उत्तर
नहीं होना बीमार Class 7 Question Answer Hindi Chapter 5 17

खोजबीन

कहानी में से वे वाक्य ढूँढकर लिखिए, जिनसे पता चलता है कि

(क) कहानी में सर्दी के मौसम की घटनाएँ बताई गई हैं।
उत्तर :
कहानी में सदी का मौसम है। बच्चा रजाई में दुबककर पड़ा रहता है, ठंडी हवा का ज़िक्र होता है और वह बार-बार ‘रजाई से निकला ही नहीं जैसी बातें करता है। इससे सर्दी के मौसम का स्पष्ट संकेत मिलता है।

(ख) बच्चे को बहाना बनाने के परिणाम का आभास हो गया।
उत्तर :
पूरे दिन भूखे रहना, स्वादिष्ट खाना न मिलना, खेलने और स्कूल जाने की आज़ादी से वंचित रहना-इन सबके कारण अंत में बच्चे को यह समझ आ गया कि झूठ बोलने और बीमारी का बहाना बनाने का क्या परिणाम होता है। उसने निश्चय किया कि अब वह बीमारी का बहाना कभी नहीं बनाएगा।

(ग) बच्चे को खाना-पीना बहुत प्रिय है।
उत्तर :
हाँ, कहानी में बच्चा बार-बार साबूदाने की खीर, कचौड़ी, बर्फी, अमरूद, दाल-चावल, आम, जैसी चीज़ों का स्वाद लेकर उल्लेख करता है। भूख के कारण उसके सपनों में भी खाने की चीज़ें आती है। इससे स्पष्ट होता है कि उसे खाना बहुत प्रिय है।

नहीं होना बीमार Class 7 Question Answer Hindi Chapter 5

(घ) बच्चे को स्कूल जाना अच्छा लगता है।
उत्तर :
शुरुआत में तो बह बहाना बनाता है, लेकिन दिनभर घर पर लेटे-लेटे उसे एहसास होता है कि स्कूल जाना कितना अच्छा होता। वह दोस्तों के साथ मध्यावकाश में ठेले पर अमरूद खाने, जैसी बातें याद करता है और कहता है कि “इससे तो स्कूल चला जाता तो ही ठीक रहता।” इससे स्पष्ट है कि उसे स्कूल जाना अच्छा लगता है।

शीर्षक
(क) आपने जो कहानी पढ़ी है, इसका नाम ‘नहीं होना बीमार’ है। अपने समूह में चर्चा करके लिखिए कि इस कहानी का यह नाम उपयुक्त है या नहीं। अपने उत्तर के कारण भी बताइए।
उत्तर हाँ, यह नाम उपयुक्त है।

कारण

यह नाम कहानी के मुख्य संदेश को दर्शाता हैं कि बीमार होना कोई मज़ेदार बात नहीं है।
बच्चा शुरुआत में बीमार होने का नाटक करता है, लेकिन बाद में उसे एहसास होता है कि असली बीमारी में खाना-पीना बंद हो जाता है, बोरियत होती है और मज़ा नहीं आता।
इसलिए वह सोचता है कि “बीमार न ही होता तो अच्छा था।”

(ख) यदि आपको इस कहानी को कोई अन्य नाम देना हो तो क्या नाम देंगे? आपने यह नाम क्यों सोचा, यह भी बताइए।
उत्तर :
अन्य नाम- ‘झूठ का स्वाद फीका’

कारण

यह नाम दर्शाता है कि बच्चे ने झूठ बोलकर बीमारी का बहाना बनाया, लेकिन उसका मज़ा फीका पड़ गया।
यह नाम बच्चों को सिखाता है कि झुठ बोलने के क्या परिणाम हो सकते हैं।

नहीं होना बीमार Class 7 Question Answer Hindi Chapter 5

अभिनय

कहानी में से चुनकर कुछ संवाद नीचे दिए गए हैं। आपको इन्हें अभिनय के साथ बोलकर दिखाना है। प्रत्येक समूह से बारी-बारी से छात्र/छात्राएँ कक्षा में सामने आएँगे और एक संवाद अभिनय के साथ बोलकर दिखाएँगे
1. “बुखार आ गया।” मैंने कराहते हुए कहा।
2. “आपको पता नहीं चल रहा। थर्मामीटर लगाकर देखिए।” मैंने कहा।
3. “मेरे सिर में दर्द हो रहा है। पेट भी दुःख रहा है और मुझे बुखार भी है।”
4. नानाजी आए। बोले, “अब कैसा है सिरदर्द?”
5. फिर नानाजी बोले, “आज इसे कुछ खाने को मत देना। आराम करने दो। शाम को देखेंगे।”
उत्तर :
छात्र स्वयं करें।

वेहरों पर मुस्कान, मुँह में पानी

नहीं होना बीमार Class 7 Question Answer Hindi Chapter 5 9

(क) इस कहानी में अनेक रोचक घटनाएँ हैं, जिन्हें पढ़कर चेहरे पर मुस्कान आ जाती है। इस कहानी में किन बातों को पढ़कर आपके चेहरे पर भी मुस्कान आ गई थी? उन्हें रेखांकित कीजिए।
उत्तर :
छात्र स्वयं करें।

(ख) इस कहानी में किन वाक्यों को पढ़कर आपके मुँह में पानी आ गया था? उन्हें रेखांकित कीजिए।
(इन्हें रेखांकित करने के लिए आप किसी अन्य रंग का उपयोग कर सकते हैं।)
उत्तर :
छात्र स्वयं करें।

नहीं होना बीमार Class 7 Question Answer Hindi Chapter 5

लेखन के अनोखे तरीके

मैं बिना आवाज किए दरवाजे तक गया और ऐसे झाँककर देखने लगा, जिससे किसी को पता न चले कि मैं बिस्तर से उठ गया हूँ।
इस बात को कहानी में इस प्रकार विशेष रूप से लिखा गया है “दबे पाँव दरवाजे तक गया और चुपके से झाँककर देखा।”
इस कहानी में अनेक स्थानों पर वाक्यों को विशेष डंग से लिखा गया है। साधारण बातों को कुछ अलग तरह से लिखने से लेखन की सुंदरता बढ़ सकती है।
नीचे कुछ वाक्य दिए गए हैं। कहानी में ढूँढिए कि इन बातों को कैसे लिखा गया है

नहीं होना बीमार Class 7 Question Answer Hindi Chapter 5 10

प्रश्न 1.
ऐसा लगा मानो हमें देखकर सुधाकर काका खुश हो गए।
उत्तर :
हमें देखकर सुधाकर काका जैसे खुश हो गए।

प्रश्न 2.
खिड़कियाँ बहुत बड़ी थीं और उनके बाहर हरे पेड़ हवा से हिल रहे थे।
उत्तर :
बड़ी-बड़ी खिड़कियों के पास हरे-हरे पेड़ झूम रहे थे।

प्रश्न 3.
वहाँ केबल लोगों के फुसफुसाने की आवाजें आ रही थीं।
उत्तर :
सिर्फ लोगों के घीरे-धीरे बातचीत करने की घीमी-धीमी गुनगुन।

प्रश्न 4.
फुसफुसाने की आवाजों के सिवा वहाँ कोई आवाज नहीं थी।
उत्तर :
बाकी एकदम शांति।

नहीं होना बीमार Class 7 Question Answer Hindi Chapter 5

प्रश्न 5.
बीमार लोगों के बहुत मजे होते हैं।
उत्तर :
क्या उाठ हैं बीमारों के भी।

प्रश्न 6.
मैं झूठमूठ बीमार पड़ जाता हूँ।
उत्तर :
चलो बीमार पड़ जाते हैं।

विराम चिह्न

नहीं होना बीमार Class 7 Question Answer Hindi Chapter 5 11

‘देखें!’ नानाजी ने रजाई हटाकर मेरा माथा हुआ। पेट देखा और नख्ज देखने लगे। इस बीच नानीजी भी आ गई। ‘क्या हुआ?’, नानीजी ने पूछा। दिए गए वाक्यों को ध्यान से देखिए। इन वाक्यों में आपको कुछ शब्दों से पहले या बाद में कुछ चिह्न दिखाई दे रहे हैं। इन्हें विराम चिह्न कहते हैं। अपने समूह के साथ मिलकर नीचे दिए गए विराम चिह्न को कहानी में ढूँढिए। ध्यानपूर्वक देखकर समझिए कि इनका प्रयोग वाक्यों में कहाँ-कहाँ किया जाता है। आपने जो पता किया, उसे नीचे लिखिए
आवश्यकता हो तो इस प्रश्न का उत्तर पता करने के लिए आप अपने परिजनों, शिक्षकों, पुस्तकालय या इंटरनेट की सहायता ले सकते हैं।
नहीं होना बीमार Class 7 Question Answer Hindi Chapter 5 12
उत्तर :
नहीं होना बीमार Class 7 Question Answer Hindi Chapter 5 18

कैसी होगी गली

“मुझे बड़ी तेज इच्छा हुई कि इसी समय बाहर निकलकर दिन की रोशनी में अपनी गली की चहल-पहल देखूँ”
आपने कहानी में बच्चे के घर के साथ वाली गली के बारे में बहुत-सी बातें पढ़ी हैं। उन बातों और अपनी कल्पना के आधार पर उस गली का एक चित्र बनाइए।
उत्तर :
छात्र स्वयं करें।

पाठ से आगे

आपकी बात

नहीं होना बीमार Class 7 Question Answer Hindi Chapter 5 13

(क) बच्चे ने अस्पताल के वातावरण का सुंदर वर्णन किया है। इसी प्रकार आप अपनी कक्षा का वर्णन कीजिए।
उत्तर :
मेरी कक्षा बहुत साफु-सुधरी और सुंदर है। वहाँ हरे रंग की कुर्सियाँ और डेस्क लगी हुई हैं। दीवारों पर रंग-बिरंगे चार्ट और चित्र लगे हैं। एक कोने में पुस्तकालय है, जहाँ हेर सारी किताबें रखी हैं। कक्षा में एक बड़ी खिएकी है, जिससे ताज़ी हबा और धूप आती है। हमारी अध्यापिका बहुत प्यारी हैं और सब बच्चों से प्यार से बात करती हैं।

(ख) कहानी में बच्चे को घर में अकेले दिन भर लेटे रहना पड़ा था। क्या आप कभी कहीं अकेले रहे हैं? उस समय आपको कैसा लग रहा था? आपने क्या-क्या किया था?
उत्तर :
हाँ, एक बार मैं घर पर अकेला रह गया था, जब मम्मी-पापा बाहर गए थे। मुझे थोड़ा डर और उदासी महसूस हुई, लेकिन मैने टीवी देखा और कुछ किताबें पढ़ी। फिर मैंने अपने खिलौनों से खेला। जब मम्मी-पापा लौटे तो मैं बहुत खुश हो गया।

(ग) कहानी में आम खाने वाले मुन्नू को देखकर बच्चे को ईर्ष्या हुई थी। क्या आपको कभी किसी से या किसी को आपसे ईष्या हुई है? आपने तब क्या किया था, ताकि यह भावना दूर हो जाए?
उत्तर :
हाँ, एक बार मेरे दोस्त को बहुत अच्छे नंबर मिले थे और मुझे थोड़े कम। मुझे थोड़ी ईर्ष्या हुई, लेकिन फिर मैने सोचा कि उसने मेहलत की है, इसलिए अच्छे नंबर आए हैं। मैने उससे कहा कि मुझे भी पढ़ाई में सहायता करे। तब से हम साथ में पढ़ते हैं और अब हम दोनों एक-दूसरे की सहायता करते हैं।

नहीं होना बीमार Class 7 Question Answer Hindi Chapter 5

(घ) कहानी में नानाजी-नानीजी बच्चे का पूरा ध्यान रखने का प्रयास करते हैं। आपके घर और विद्यालय में आपका ध्यान कौन-कौन रखते हैं? कैसे?
उत्तर :
मेरे घर में मम्मी-पापा और दादी मेरा ध्यान रखते हैं। वे समय पर खाना देते हैं, मेरी पढ़ाई में सहायता करते हैं और बीमार होने पर दवा भी देते हैं। स्कूल में मेरी अध्यापिका और दोस्त मेरा ध्यान रखते हैं। अगर मैं उदास हो जाऊँ, तो वे मुझसे बात करते हैं और मुझे खुश करते हैं।

(ङ) आप अपने परिजनों और मित्रों का ध्यान कैसे रखते हैं? क्या-क्या करते हैं या क्या-क्या नहीं करते हैं, ताकि उन्हें कम-से-कम परेशानी हो?
उत्तर :
मैं अपने घर में सबकी बात मानता हूँ और समय पर कार्य करता हूँ। मम्मी की सहायता करता हूँ, दादी को पानी लाकर देता हूँ और छोटी बहन को होमवर्क में सहायता करता हूँ। मैं स्कूल में अपने दोस्तों से अच्छे से बात करता हुँ, उन्हें चिड़ाता नहीं और अगर कोई परेशान हो तो उसकी सहायता करता हूँ। इससे सबको खुशी होती है और कोई परेशान नहीं होता।

बहाने

नहीं होना बीमार Class 7 Question Answer Hindi Chapter 5 14

(क) कहानी में बच्चे ने बीमारी का बहाना बनाया, ताकि उसे स्कूल न जाना पड़े। क्या आपने कभी किसी कारण से बहाना बनाया है? यदि हाँ, तो उसके बारे में बताइए। उस समय आपके मन में कौन-कौन से भाव आ-जा रहे थे? आप कैसा अनुभव कर रहे थे?
उत्तर :
हाँ, एक बार मैंने होमवर्क पूरा नहीं किया था और मुझे उर था कि अध्यापक डॉटेंगे, इसलिए मैंने सिर दर्द का बहाना बनाया, ताकि स्कूल न जाना पड़े। उस समय मेरे मन में डर, पछतावा और थोड़ी खुशी भी हो रही थी कि छुट्टी मिल गई। लेकिन जब मम्मी ने दवा दी और मुझे बिस्तर पर आराम करना पड़ा, तब मुझे महसूस हुआ कि झूठ बोलकर मैं स्वयं ही परेशान हो गया। फिर मैंने सोच लिया कि आगे से कभी बहाना नहीं बनाऊँगा।

(ख) आमतौर पर बनाए जाने वाले बहानों की एक सूची बनाइए।
उत्तर :

  • पेट दर्द हो रहा है।
  • सिर में बहुत दर्द है।
  • स्कूल बैग में किताबें नहीं है।
  • स्कूल में टेस्ट है, इसलिए नहीं जाना।
  • मम्मी ने तैयार नहीं किया।
  • बिजली चली गई, होमवर्क नहीं हो पाया।
  • पेंसिल या कॉपी खो गई।
  • स्कूल की ड्रेस गीली हो गई।

(ग) बहाने क्यों बनाने पड़ते हैं? बहाने न बनाने पड़ें, इसके लिए हम क्या-क्या कर सकते हैं?
उत्तर :
बहाने हम तब बनाते हैं, जब कोई काम करने का मन नहीं होता या जब हम किसी गलती को छुपाना चाहते हैं। कई बार डर, आलस्य या झिझक भी हमें बहाना बनाने के लिए मजबूर कर देते हैं। बहाने न बनाने के लिए हम यह कर सकते हैं

  • प्रत्येक काम समय पर और ईमानदारी से करना।
  • गलती होने पर उसे स्वीकार करना और सुधारने की कोशिश करना।
  • मन लगाकर पढ़ाई और जिम्मेदारियाँ निभाना।
  • आत्मविश्वास से हर परिस्थिति का सामना करना।
  • यह समझना कि सच्चाई बोलना ही सबसे अच्छा रास्ता है।

अनुमान

“मैं रजाई में पड़ा-पड़ा घर में चल रही गतिविधियों का अनुमान लगाता रहा।” कहानी में बच्चे ने अनेक प्रकार के अनुमान लगाए हैं। क्या आपने कभी किसी अनदेखे व्यक्ति/वस्तु/पशु-पक्षी/स्थान आदि के विषय में अनुमान लगाए हैं? किसके बारे में? क्या? कब? विस्तार से बताइए।
(संकेत-जैसे पेड़ से आने वाली आवाज सुनकर किसी प्राणी का अनुमान लगाना, कर्हीं दूर रहने वाले किसी संबंधी/रिश्चेद्रार के विषय में सुनकर उसके संबंध में अनुमान लगाना।)
उत्तर :
छात्र स्वयं करें।

नहीं होना बीमार Class 7 Question Answer Hindi Chapter 5

सहायता हेतु।

हाँ, मैंने एक बार पेड़ से अजीब आवाज़ सुनकर सोचा कि शायद कोई बिल्ली या उल्लू वर्हां है। मैंने खिड़की से नहीं देखा, बस रजाई में पड़े-पड़े अनुमान लगाता रहा। एक बार माँ ने गाँब के सख्त स्वभाव वाले रिश्तेदार के बारे में बताया, तो मैंने उन्हें बहुत गंभीर और गुस्से वाले व्यक्ति के रूप में सोचा। लेकिन जब मिला, तो वे बहुत अच्छे और शांत निकले। अनुमान लगाना दिलचस्प होता है!

घर का सामान

“बहुत ढूँढा गया पर थर्मामीटर मिला ही नहीं। शायद कोई माँगकर ले गया था।”
कहानी में बच्चे के घर पर थर्मामीटर (तापमापी) खोजने पर वह मिल नहीं पाता। आमतौर पर हमारे घरों में कोई-न-कोई ऐसी वस्तु होती है, जिसे खोजने पर भी वह नहीं मिलती, जिसे कोई माँगकर ले जाता है या हम जिसे किसी से माँगकर ले आते हैं। अपने घर को ध्यान में रखते हुए ऐसी वस्तुओं की सूची बनाइए

नहीं होना बीमार Class 7 Question Answer Hindi Chapter 5 15
उत्तर :
छात्र स्वयं करें।

खान-पान और आप

(क) कहानी में सुधाकर काका को बीमार होने पर साबूदाने की खीर दी गई थी। आपके घर में किसी के बीमार होने पर उसे क्या-क्या खिलाया जाता है?
उत्तर :
मेरे घर में जब कोई बीमार होता है, तो उसे हल्का और पचने वाला खाना दिया जाता है; जैसे-दाल-चावल, खिचड़ी, सूजी का हलवा, दलिया और साबूदाने की खीर। साथ में गर्म पानी या तुलसी वाली चाय भी दी जाती है। खाना कम मसाले वाला होता है, ताकि शरीर को आराम मिले।

(ख) कहानी में बच्चे को बहुत-सी चीजें खाने का मन है। आपका क्या-क्या खाने का बहुत मन करता है?
उत्तर :
मुझे खाने में सबसे ज्यादा पसंद है-पावभाजी, चॉकलेट, मैंगो शेक, छोले-भदूरे और आलू के पराठे। जब भी कहीं बाहर जाते हैं या छुट्टी का दिन होता है, तब मेरा मन इन चीज़ों को खाने का और भी ज्यादा करता है। त्योहारों पर मीठे में रसगुल्ला और गुलाब जामुन बहुत पसंद है।

(ग) कहानी में बच्चा सोचता है कि साबूदाने की खीर सिर्फ बीमारी या उपवास में क्यों मिलती है। आपके घर में ऐसा क्या-क्या है, जो केवल विशेष अवसरों या त्योहारों पर ही बनता है?
उत्तर :
मेरे घर में कई खास व्यंजन केवल त्योहारों या विशेष अवसरों पर ही बनते हैं; जैसे-दीवाली पर चकली और लड्दू, होली पर गुजिया, रक्षाबंघन पर पूरी-सब्ज़ी एवं खीर और जन्मदिन पर केक या पनीर की सब्ज़ी। ऐसे खास पकवानों की खुशबू और स्वाद दोनों ही अलग होते हैं।

नहीं होना बीमार Class 7 Question Answer Hindi Chapter 5

(घ) कहानी में बच्चा सोचता है कि अगर वह स्कूल जाता तो उसे ठेले पर नमक मिर्च वाले अमरूद खाने को मिलते। आप अपने विद्यालय में क्या-क्या खाते-पीते हैं? विद्यालय में आपका रुचिकर भोजन क्या है?
उत्तर :
मैं अपने विद्यालय में घर से लाया खाना खाता हूँ। वहाँ कैंटीन से भी समोसे, ब्रेड पकौड़े और फ्रूट जूस मिलता है। मुझे सबसे ज्यादा पसंद है-टिफिन में आए आलू के पराठे और कैंटीन की भेलपूरी। कभी-कभी दोस्तों से भी खाना बदलकर खाता हूँ, जो मज़ेदार होता है।

(ङ) इस कहानी में भोजन से जुड़ी बच्चे की कई रोचक बातें बताई गई हैं। आपके बचपन की भोजन से जुड़ी कोई विशेष याद क्या है, जिसे आप अब भी याद करते हैं?
उत्तर :
मुझे बचपन में दादी के हाथ की बनी खीर बहुत पसंद थी। जब भी दादी खीर बनाती थीं, मै बार-बार रसोई में झाँकता था और इंतज़ार नहीं कर पाता था। एक बार तो बिना पूछे ही खीर चख ली धी। आज भी जब खीर बनती है, तो वह स्वाद और बचपन की याद दोनों ताज़ा हो जाती हैं।

(च) कहानी में बच्चा भोजन की सुगंध से रजाई फेंककर रसोई में झाँकने लगा। क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है कि घर में किसी विशेष खाने की सुगंध से आप भी रसोई में जाकर तुरंत देखना चाहते हैं कि क्या पक रहा है? आपको किस-किस खाने की सुगंध सबसे अधिक पसंद है?
उत्तर :
हाँ, एक बार घर में कड़ी-चाबल की खुशबू इतनी लाजवाब आ रही थी कि मै तुरंत रसोई में चला गया यह देखने कि क्या बन रहा है। मुझे सबसे ज्यादा पसंद है गरमा-गरम पूड़ी, पनीर की सब्ज़ी और दाल तड़का की खुशबू। इनकी सुगे पूरे घर में फैल जाती है और भूख भी बढ़ा देती है।

आज की पहेली

कहानी में आपने खाने-पीने की अनेक वस्तुओं के बारे में पढ़ा है। अब हम आपके सामने खाने-पीने की वस्तुओं या व्यंजनों से जुड़ी कुछ पहेलियाँ लाए हैं। इन्हें बूझिए और उत्तर दीजिए।

नहीं होना बीमार Class 7 Question Answer Hindi Chapter 5 16

प्रश्न 1.
रोटी जैसा होता है ये, पर आलू से भरा-भरा घी- तेल साथी हैं इसके, दही-चटनी से हरा-भरा
उत्तर :
आलू का पराठा

प्रश्न 2.
दाल-चावल का मेल है यह तो, भारत भर में तुम इसे पाओ, दक्षिण में ये खूब है बनता, चटनी-सांभर संग-संग खाओ, गोल- तिकोना इसका आकार, गरम-गरम तुम इसे बनाओ, कौन-सा व्यंजन होता है यह, बोलो बोलो नाम बताओ।
उत्तर :
डोसा

प्रश्न 3.
नाश्ते का यह बड़ा है खास, महाराष्ट्र में इसका वास, मिर्च-मसाले से भरपूर, संग बटाटा भी मशहूर, चटपटी चटनी लगी किसे? बूझो नाम तो खाएँ इसे!
उत्तर :
वड़ा पाव

नहीं होना बीमार Class 7 Question Answer Hindi Chapter 5

प्रश्न 4.
बेसन से बने चौकोर या गोल, गुजरात में बड़ा है बोल। खाने में नर्म, पानी भरे, घनिया मिर्ची संग सजे।
उत्तर :
ढोकला

प्रश्न 5.
गोल-गोल पानी से भरके, चटनी सोंठ संग इसे खाओ उत्तर-दक्षिण पूरब-पश्चिम, गली-मुहल्लों में भी पाओ। खट्टी-मीठी, तीखी हाय, खाना तो इसे हर कोई चाहे!
उत्तर :
पानी-पूरी

प्रश्न 6.
हरे साग संग मुझको पाओ, मक्खन के संग मुझको खाओ। आटा मेरा हल्का पीला, स्वाद मेरा है बड़ा रंगीला ।
उत्तर :
मक्के की रोटी

प्रश्न 7.
आग में पकती हूँ, सोंधा-सा स्वाद, साथ में खाओ चूरमा, बन जाए फिर बात, गरम दाल से मुझको प्यार, राजस्थान का में उपहार।
उत्तर :
बाटी

नहीं होना बीमार Class 7 Question Answer Hindi Chapter 5

प्रश्न 8.
गोल-गोल और श्वेत रंग का रस से भरा हुआ हूँ खूब। मीठी दुनिया का महाराजा चाशनी मीठी डूब-डूब।
उत्तर :
रसगुल्ला।

error: Content is protected !!