नहीं होना बीमार Class 7 Summary Explanation in Hindi Chapter 5

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नहीं होना बीमार Class 7 Summary in Hindi

नहीं होना बीमार Class 7 Hindi Summary

नहीं होना बीमार का सारांश – नहीं होना बीमार Class 7 Summary in Hindi

अस्पताल का अनुभव

एक दिन मैं अपनी नानी के साथ हमारे पड़ोसी सुधाकर काका को देखने अस्पताल गया। यह मेरा पहला अस्पताल जाने का अनुभव था। वहाँ का माहौल मुझे बहुत अच्छा लगा- साफ-सुथरे बिस्तर, सफेद दीवारें, ऊँची छत और खिड़कियों से झाँकते हरे-भरे पेड़। सुधाकर काका हमें देखकर खुश हो गए। नानीजी उनके सिरहाने बैठीं और हालचाल पूछने लगीं। उन्होंने काका को साबूदाने की खीर खिलाई। वह दृश्य देखकर मुझे लगा-बीमार होना भी कोई बुरी बात नहीं। आरामदायक बिस्तर, खीर और सबका ध्यान- क्या ठाठ हैं!

नहीं होना बीमार Class 7 Summary Explanation in Hindi Chapter 5 1

बीमारी का बहाना

कुछ दिनों बाद मेरा स्कूल जाने का मन नहीं हुआ, क्योंकि मैंने अपना होमवर्क पूरा नहीं किया था। मैंने सोचा कि अगर मैं बीमार बन जाऊँ, तो सजा से बच जाऊँगा और खूब आराम मिलेगा। मैंने रजाई में पड़े-पड़े बीमारी का बहाना बनाया और कहा कि मुझे सिरदर्द, पेट दर्द और बुखार है। नानीजी ने मुझे अकेला छोड़ दिया और बाकी सब अपने-अपने काम में लग गए। मैं रजाई में पड़ा-पड़ा घर में चल रही गतिविधियों का अनुमान लगाता रहा।

नहीं होना बीमार Class 7 Summary Explanation in Hindi Chapter 5

इलाज और कड़वी दवा

जब मैं सोकर उठा तो नानाजी आ गए। उन्होंने मेरा माथा और नब्ज देखी, लेकिन कोई बुखार नहीं पाया। मैंने थर्मामीटर लाने की बात की, लेकिन वो मिला ही नहीं। नानाजी ने मुझे कड़वी पुड़िया तथा काढ़े जैसी चाय दी और खाने से मना कर दिया। अब मैं सोचने लगा कि ये तो मेरी योजना उल्टी पड़ गई न तो मुझे खीर मिली और न ही आराम। बस लेटे रहो, भूखे रहो और कड़वा खाओ। दिनभर बिस्तर में पड़े रहना मुश्किल हो गया।

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भूख और ऊब

जैसे-जैसे दिन बीतता गया, मेरी भूख बढ़ती गई। मुझे बार-बार खाने की चीज़ें दिखने लगीं-गरमागरम कचौड़ी, बर्फी, बेसन की चिक्की, गोलगप्पे और सबसे ज्यादा तो साबूदाने की खीर! मुझे समझ नहीं आया कि ऐसी चीज़ें सिर्फ बीमार या उपवास वाले दिनों में ही क्यों मिलती हैं। मैं ऊब और बेचैनी में घिर गया था। पीठ दर्द से परेशान होकर कभी उठता, कभी लेटता। नानाजी फिर से पुड़िया खिला गए। भूख लगी थी, लेकिन खाने को कुछ नहीं मिला।

नहीं होना बीमार Class 7 Summary Explanation in Hindi Chapter 5

पछतावा और सबक

दोपहर को जब घर के लोग खाना खा रहे थे, तो मुझे किसी ने नहीं पूछा कि मैं क्या खाऊँगा। मैं चुपके से झाँककर देखने गया, तो देखा कि मुन्नू आम चूस रहा है और बाकी सब दाल-चावल और तली हरी मिर्च का आनंद ले रहे हैं, जिसे देखकर मेरा मन जल-भुन गया।
गुस्से और जलन में मैं वापस बिस्तर में आ गया। उस दिन मुझे भूखे पेट ही रहना पड़ा। सारे विकार तो नहीं निकले, लेकिन यह तय कर लिया कि अब कभी बीमारी का बहाना नहीं बनाऊँगा। होमवर्क नहीं हुआ हो, तो भी स्कूल जाऊँगा। बीमार होने के ठाठ की जो कल्पना थी, वो अब समाप्त हो चुकी थी।

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शब्दार्थ :

  • वार्ड – अस्पताल का बड़ा कमरा, जहाँ कई मरीज भर्ती होते हैं
  • सिरहाना – सिर के पास का स्थान, जहाँ सिर रखा जाता है
  • माहौल – वातावरण
  • अभिवादन – नमस्कार करना, स्वागत करना
  • स्वाद लेकर – आनंद के साथ
  • ठाठ – आराम, शान
  • सजा – दंड
  • गतिविधियाँ – क्रियाएँ, कार्य
  • अनुमान लगाना – अंदाजा लगाना
  • नब्ज – धड़कन की गति
  • चाल – तरकीब, उपाय
  • पुड़िया – दवा की छोटी-सी पोटली
  • काढ़ा – जड़ी-बूटियों से बना गर्म पेय
  • गुडुप होना – नींद में अचानक डूब जाना
  • चहल-पहल – हलचल, गतिविधियाँ
  • मजबूरी – विवशता
  • आहट – हल्की आवाज
  • विकार – खराबी
  • रिसेस – स्कूल में मध्यावकाश
  • झपकी – हल्की नींद
  • झख मार – परेशान होना, मजबूरी में कुछ करना, व्यर्थ कार्य में समय नष्ट करना
  • अक्लमंद – समझदार
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