एक टोकरी भर मिट्टी Class 8 Summary Explanation in Hindi Chapter 6

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एक टोकरी भर मिट्टी Class 8 Summary in Hindi

एक टोकरी भर मिट्टी Class 8 Hindi Summary

एक टोकरी भर मिट्टी का सारांश – एक टोकरी भर मिट्टी Class 8 Summary in Hindi

किसी जर्मींदार के महल के पास एक गरीब, अनाथ वृद्धा की झोंपड़ी थी। जमींदार अपनी हबेली का अहाता बढ़ाने के लिए वृद्धा की झोपड़ी हटवाना चाहता था, परंतु वृद्धा अपनी पुरानी यादों और पारिवारिक स्मृतियों के कारण झोंपड़ी छोड़ने को तैयार नहीं थी। अंतत: जर्मीदार ने कानूनी चालों से झोपड़ी पर कड्जा कर लिया और वृद्धा बेघर हो गई। एक दिन जमीदार उस झोपड़ी के आस-पास टहल रहे थे और लोगों को काम बता रहे चे तभी वह वृद्धा हाथ में एक टोकरी लेकर वहाँ पहुँचती है। जमींदार ने उसको देखते ही अपने नौकरों से कहा कि उसे यहाँ से हटा दो। वह गिड़गिड़ाकर बोली ‘महाराज, अब तो झोपड़ी तुम्हारी ही हो गई है, मैं उसे लेने नहीं आई हूँ। महाराज जब से यह झोंपड़ी छूटी है, तब से पोती ने खाना-पीना छोड़ दिया है।

एक टोकरी भर मिट्टी Class 8 Summary Explanation in Hindi Chapter 6 1

मैने बहुत कुछ समझाया, पर वह एक नहीं मानती। यही कहा करती है कि अपने घर चल, वहीं रोटी खाऊँगी। अब मैंने यह सोचा कि इस झोंपड़ी में से एक टोकरी भर मिट्टी लेकर उसका चूल्हा बनाकर रोटी पकाऊँगी। इससे भरोसा है कि वह रोटी खाने लगेगी। महाराज कृपा करके आज्ञा दीजिए तो इस टोकरी में मिट्टी ले जार्क! जर्मीदार ने आज्ञा दे दी।

एक टोकरी भर मिट्टी Class 8 Summary Explanation in Hindi Chapter 6

उसने जमीदार से विनती की कि बह टोकरी को सिर पर रखने में सहायता करें। जमीदार ने टोकरी उठाने की कोशिश की, पर वह नही उठा सके। तब वृद्धा ने उन्हें समझाया कि जब एक टोकरी मिट्टी का भार आपसे नही उठाया गया, तो हजारों टोकरियों की मिट्टी का बोझ (अर्थात् बेइमानी का पाप) आप जीवनभर कैसे उठाएंगे? यह सुनकर जमीदार का अहंकार टूट गया, उन्होने पश्चाताप कर वृद्धा से क्षमा माँगी और उसकी झोंपड़ी लौटा दी।

शब्दार्थ :

  • अहाता – चारदीवारी, घेराबंदी।
  • बहुतेरा – बार-बार, कई बार।
  • पूर्वस्थिति – पहले की दशा या स्थिति।
  • मृतप्राय – मृत समान, जीवनहीन।
  • पयत्न – कोशिश, प्रयास।
  • निष्फल – बेकार, असफला
  • जर्मीदारी चाल – अन्यायपूर्ण और शोषणकारी तरीका।
  • जर्मीदारी चाल – अन्यायपूर्ण और शोषणकारी तरीका।
  • बाल की खाल निकालना – छोटी-सी बात को बढ़ाना, तर्क से उलझाना।
  • थैली गरम करना – रिश्वत देना।
  • गिड़गिड़ाना – दया की विनती करना।
  • स्मरण – याद, स्मृति।
  • आंतरिक दुःख – मन का गहरा दुखा
  • लज्जित – शर्मिदा, लज्जा से भर जाना।
  • जर्मीदारी चाल – अन्यायपूर्ण और शोषणकारी तरीका।
  • घन-मद – घन का अहंकार।
  • कृतकर्म – अपने किए हुए कर्म।
  • पश्चाताप – अपने दोष पर पछताना।
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