Class 8 Sanskrit Chapter 6 Hindi Translation डिजिभारतम् युगपरिवर्तनम् Summary

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Sanskrit Class 8 Chapter 6 Hindi Translation डिजिभारतम् युगपरिवर्तनम् Summary

डिजिभारतम् युगपरिवर्तनम् Meaning in Hindi

Class 8 Sanskrit Chapter 6 Summary Notes डिजिभारतम् युगपरिवर्तनम्

आधुनिक युग विज्ञान का युग है, संपूर्ण विश्व विज्ञान के क्षेत्र में उन्नति प्राप्त करने के लिए प्रयत्नशील है, विशेष तौर पर भारत का नाम अग्रणीय है। भारतीय वैज्ञानिकों के प्रयत्नों से भारत कई विकसित देशों के समक्ष खड़ा है। विज्ञान के इस युग को डिजी युग कहा जाता है। भारत की राजधानी नई दिल्ली में स्थित प्रधानमंत्री संग्रहालय में विज्ञान से जुड़े विभिन्न उपकरणों एवं वस्तुओं का प्रदर्शन किया जाता है।

प्रस्तुत पाठ में डिजिटल क्षेत्र में होने वाली उन्नति के बारे में बताया गया है कि ‘पीएम किसान, आशुप्रतिक्रिया, ई-नाम, आभासीय विक्रयण, निष्ठा आदि के माध्यम से भारत ने अपना स्थान सर्वोपरि रखा है। कुछ छात्र अपने अध्यापक के साथ इस संग्रहालय का भ्रमण करते हुए वैज्ञानिक उपकरणों एवं डिजी भारत के विषय में जानकारी प्राप्त करते हैं।

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पाठस्य परिचय

अस्माकं देशः भारतं न केवलं सांस्कृतिकक्षेत्रे समृद्धम्, अपितु नित्यम् आविष्कारैः कीर्तिं लभते । अद्य सम्पूर्णविश्वे ‘डिजिटल्-भारतम्’ इत्यस्य चर्चा श्रूयते । एकस्यैव पिञ्जस्य नोदनेन सर्वं नागरिक-सौविध्यं लभ्यते । अनेन भारतीयानां जीवनम् अधिकं सरलं जायमानम् अस्ति । डिजिटल – पटले सम्पूर्णा वसुधा कुटुम्बवत् अस्ति । अधुना वयं भारतस्य डिजिटल – प्रगतेः विषये पठामः।

शब्दार्थाः

  • कीर्तिं = प्रसिद्धि को,
  • श्रूयते = सुनाई देती है,
  • एकस्यैव = एक ही,
  • पिञ्जस्य नोदनेन = चुटकी बजाते ही,
  • वसुधा = पृथ्वी,
  • कुटुम्बवत् = परिवार के समान ।

पाठ का परिचय

अनुवाद
हमारा देश भारत केवल सांस्कृतिक क्षेत्र में समृद्ध ही नहीं अपितु नित्य आविष्कार में प्रसिद्धि को भी प्राप्त करता है । आज संपूर्ण विश्व में ‘डिजिटल-भारत’ की चर्चा सुनाई देती है। एक चुटकी बजाते ही सभी नागरिक सुविधाएँ उपलब्ध हो जाती हैं। इससे भारतीयों का जीवन अधिक सरल हो गया है। डिजिटल – पटल पर संपूर्ण पृथ्वी एक ही परिवार (कुटुंब) के समान हो गई है। अब हम भारत के डिजिटल – प्रगति विषय में पढ़ेंगे।

Class 8 Sanskrit Chapter 6 Hindi Translation डिजिभारतम् युगपरिवर्तनम्

1. (नवदेहलीस्थः प्रधानमन्त्रिसङ्ग्रहालयः। अत्र विविधाः डिजिटल प्रौद्योगिक्यः प्रदर्शिताः सन्ति । सर्वे उत्सुकतया सङ्ग्रहालये प्रदर्शितानि वस्तूनि पश्यन्ति ।
अध्यापकः – बालाः! प्रधानमन्त्रिसङ्ग्रहालये युष्माकं सर्वेषां स्वागतम्। अत्र विविधाः डिजिटल्-प्रौद्योगिक्यः प्रयुक्ताः सन्ति। सानन्दं सावधानं च पश्यन्तु । अनन्तरं एतस्योपरि चर्चां करिष्यामः ।
(सर्वे बालाः प्रदर्शितानि विविधानि वस्तूनि उत्साहेन पश्यन्ति, अनुभवन्ति, परस्परं चर्चाम् अपि कुर्वन्ति।)

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सर्वे छात्राः – अद्भुतं महोदय ! अत्र ‘हॉलोग्राम’ – द्वारा प्रधानमन्त्रिणः भाषणं श्रूयते दृश्यते च। प्रत्यक्षमेव प्रधानमन्त्री अत्र उपविष्टः इति भासते ।
यशिका – सत्यम्, अहम् अपि हॉलोग्रामं दृष्टवती । अनेन दिवङ्गताः नेतारः अपि जीविताः इव दृश्यन्ते।
अथर्वः – अत्र ‘वर्धिता – वास्तविकता’ (AR) ‘आभासीया-वास्तविकता’ (VR) च इत्याभ्यां सम्बद्धानि उपकरणानि अपि सन्ति, अनेन ऐतिहासिकवृत्तानि प्रत्यक्षम् इव अनुभूयन्ते । ‘भारतीय-स्वतन्त्रता-सङ्ग्रामं दृष्ट्वा अस्माकं पूर्वजानां संघर्षः कियान् विशालः आसीत् इति ज्ञायते।
भास्करः – अहम् अत्र कृत्रिमबुद्धि – आधारितं संवादयन्त्रं दृष्टवान् । एतत् यन्त्रम् अस्माकं सर्वविधप्रश्नानाम् उत्तराणि ददाति ।
वेदिका – अहो! ‘डिजिटल्-प्रक्षेपण – चलच्चित्रं’ दृष्ट्वा अहं विस्मिता अभवम्। अत्र सम्पूर्णस्य भारतस्य विकास-यात्रा प्रदर्शिता अस्ति ।
श्रेया – एषः कश्चन अपूर्व: अनुभवः अस्ति । यश्च चिरकालपर्यन्तं स्मरणीयः भविष्यति ।
सर्वे छात्राः – मान्यवर! वयं सर्वे एतस्मिन् सन्दर्भ चर्चा कर्तुम् इच्छामः । किं कक्षां प्रति चलामः ?
अध्यापकः – उत्तमः विचारः । चलामः तावत् ।
(सर्वे मिलित्वा गच्छन्ति ।)
(सर्वे कक्षायाम् उपविष्टाः)
सर्वे छात्राः – अहो! सङ्ग्रहालयस्य अद्भुतः अनुभवः प्राप्तः । अध्यापकः बालाः! अस्मिन् सङ्ग्रहालये उपस्थापितं ज्ञानम् अद्भुतम् एव। ‘डिजिटल’ योजनायाः प्रभावः दैनन्दिने जीवनेऽपि दृश्यते।
सर्वे छात्राः – आम्, मान्यवर ! वयम् इमं प्रभावं ज्ञातुम् इच्छामः ।

शब्दार्थाः
उपविष्टः = बैठकर,
दृष्टवती = देखा,
अनुभूयन्ते = अनुभव करते हैं,
कियान् = कितना,
विस्मिता = आश्चर्य चकित,
कश्चन = कोई,
चिरकालपर्यन्तं = बहुत समय तक,
वैमन्दिने = दैनिक जीवन में।
संदर्भ – प्रस्तुत गद्यांश हमारी पाठ्य-पुस्तक दीपकम् के ‘डिजिभारतम्-युगपरिवर्तनम्’ पाठ से उद्धृत है।
(नई दिल्ली में स्थित प्रधानमंत्री संग्रहालय है। यहाँ अनेक डिजिटल – प्रौद्योगिक प्रदर्शित हैं। सभी उत्सुकता से संग्रहालय में प्रदर्शित वस्तुओं को देखते हैं ।)
अध्यापक – बच्चों! प्रधानमंत्री संग्रहालय में तुम सभी का स्वागत है।
यहाँ अनेक डिजिटल – प्रौद्योगिकी प्रयुक्त हैं। आनंदित होकर सावधान होकर देखो। इसके बाद इसके ऊपर चर्चा करेंगे।
(सभी बालक प्रदर्शित सभी वस्तुओं को उत्साह से देखते हैं, अनुभव करते हैं, परस्पर चर्चा भी करते हैं ।)
सभी छात्र – अद्भुत महॊदय ! यहाँ ‘होलोग्राम’ द्वारा प्रधानमंत्री का भाषण सुना और देखा। ऐसा लग रहा था कि प्रधानमंत्री सामने ही बैठे हैं।
यशिका – सत्य, मैनें भी होलोग्राम को देखा। इससे दिवंगत (स्वर्गीय) नेता भी जीवित के समान दिखाई देते हैं।
अथर्व – यहाँ ‘वर्धिता-वास्तविकता’ (AR) और ‘आभासीय- वास्तविकता’ (VR) से जुड़े उपकरण भी हैं। इनसे ऐतिहासिक वृत्ति (घटना) का प्रत्यक्ष ही अनुभव होता है ।’ ‘भारतीय स्वतंत्रता संग्राम’ को देखकर हमारे पूर्वजों का संघर्ष कितना विशाल था, इस प्रकार जानते हैं।
भास्कर – मैंने यहाँ कृत्रिम बुद्धि पर आधारित संवादयंत्र देखा । यह यंत्र हमारे सभी प्रकार के प्रश्नों के उत्तर देता है।
वेदिका – अरे ! ‘डिजिटल प्रक्षेपण चलचित्र’ को देखकर मैं विस्मित (आश्चर्यचकित) हुआ। यहाँ संपूर्ण भारत की विकास-यात्रा को प्रदर्शित किया गया है।
श्रेया – यह कोई अपूर्व अनुभव है, जो बहुत समय तक स्मरण रहेगा।
सभी छात्र – महोदय ! हम सब की इस संदर्भ में चर्चा करने की इच्छा है। क्या कक्षा की ओर चलें ?
अध्यापक – उत्तम विचार | चलो चलते हैं।
(सभी मिलकर जाते हैं।) (सभी कक्षा में बैठ गए हैं।)
सभी छात्र – अरे ! संग्रहालय का अद्भुत अनुभव प्राप्त हुआ।
अध्यापक – बालकों! इस संग्रहालय में उपस्थित ज्ञान अद्भुत ही है। ‘डिजिटल’ योजना का प्रभाव दैनिक जीवन में भी दिखाई देता है।
सभी छात्र – ठीक है, महोदय ! हम इसके प्रभाव को जानना चाहते हैं ।

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2. अध्यापकः – उत्तमम् । अस्माकं दैनिकं जीवनं ‘डिजिटल’ इत्यनेन परिवर्तितं प्रभावितं च भवति । अस्य क्षेत्रं व्यापकम् अस्ति; यथा—‘डिजिटल – शासनं, स्वास्थ्यसेवा, शिक्षणं, वित्तीयं समावेशनम्’ इत्यादीनि क्षेत्राणि ।
यशिका – अहं स्वयं ‘डिजिलॉकर’ इत्यस्य उपयोगं करोमि । मम आधारपत्रं विद्यालयीयं प्रमाणपत्रं च तत्र सुरक्षितम् अस्ति ।
अथर्वः – ‘मम पितरौ ‘फॉस्टेग’ इत्यस्य उपयोगं कुरुत: । अनेन राजमार्गेषु स्वचालितविधिना मार्गशुल्कस्य सङ्ग्रहणं शीघ्रं भवति ।
भास्करः – अहम् ‘एकीकृत-धनदेयप्रत्यर्पण-अन्तरफलकस्य’ (यूपीआई) उपयोगं करोमि । अनेन मम पितरौ अपि त्वरया मह्यं धनं प्रेषयितुं शक्नुतः ।
अध्यापकः – उत्तमम्! वित्तीय समावेशनस्य क्षेत्रे ‘यूपीआई, रुपे-कार्ड, जनधनयोजना’ इत्यादीनि बहूनि साधनानि सन्ति। अधुना आपणेषु वस्तुक्रयणार्थं साक्षात् मुद्रायाः आवश्यकता नास्ति। मुद्रारहित – विनिमयसन्दर्भे विश्वे भारतस्य अग्रगण्यं स्थानम् अस्ति ।
राघवः – डिजिटल-योजना भारतस्य काचित् महत्त्वाकाङ्क्षिणी योजना अस्ति ।

शब्दार्थाः
उत्तमम् = अच्छा,
शिक्षणम् = शिक्षण,
वित्तीय समावेशनम् = वित्तीय समावेशन,
आधार पत्रं = आधार-पत्र,
पितरौ = माता-पिता,
शुल्कम् = शुल्क,
त्वरया = जल्दी,
जनधनयोजना = जनधन योजना,
आपणेषु = बाजार में |
संदर्भ – पूर्ववत् अनुवाद
अध्यापक – अच्छा! हमारा दैनिक जीवन ‘डिजिटल’ नाम से परिवर्तित और प्रभावित होता है। इसका क्षेत्र व्यापक है; जैसे- ‘डिजिटल शासन, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षण, वित्तिय समावेशन’ इत्यादि क्षेत्र |
यशिका – मैं स्वयं ‘डिजिलॉकर’ का उपयोग करती हूँ, मेरा आधार-पत्र और विद्यालय का प्रमाण-पत्र वहाँ सुरक्षित है।
अथर्व – मेरे माता-पिता ‘फॉस्टेग’ का उपयोग करते हैं। इन राजमार्गों में स्वचालित विधि से मार्ग शुल्क का संग्रहण शीघ्र होता है।
भास्कर – मैं ‘एकीकृत धनदेय प्रत्यर्पण – अंतरफलक’ (U.P.I) का उपयोग करता हूँ। इससे मेरे माता-पिता भी जल्दी से मुझे धन भेज सकते हैं।
अध्यापक – अच्छा! वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में ‘यूपीआई रुपे-कार्ड, जनधन योजना’ आदि बहुत-से साधन हैं। अब बाजार में वस्तु खरीदने के लिए साक्षात मुद्रा की आवश्यकता नहीं है। मुद्रा रहित विनिमय (आदान-प्रदान) के संदर्भ में विश्व में भारत का अग्रगण्य स्थान है।
राघव – डिजिटल – योजना भारत की महत्त्वाकांक्षी योजना है।

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3. अध्यापकः – आम् राघव ! एषा भारतसर्वकारस्य विशिष्टा महत्त्वाकाङ्क्षिणी योजना अस्ति । राष्ट्र डिजिटल – रूपेण सुशक्तं भवेत् इत्येव अस्याः योजनायाः लक्ष्यम्। डिजिटल-शक्तिः सर्वजनान् सुशक्तान् कुर्यात् इति अस्माकं ध्येयम् ।
श्रेया – महोदय! अस्य स्वरूपं किञ्चित् स्पष्टीकरोतु ।
अध्यापकः – अवश्यम् ! पश्य, डिजिटल – शासन सेवायाः अन्तर्गतं ‘डिजीलॉकर’ (आधार – पेन कार्ड इत्यादीनां डिजिटल-सङ्ग्रहणम्), ‘ई-शासन-पटलम्’ यथा ‘उमङ्ग’ (UMANG), ‘माय गव’ (My – Gov), ‘जेम’ (GeM) इत्यादयः। ऑन-लैन-टीकाकरण- पञ्जीकरणार्थं ‘कोविन्-पटलम्’ (COWIN) अस्ति ।
यशिका – किन्तु यदि ग्राम्य-क्षेत्रे अन्तर्जालस्य समस्या अस्ति तर्हि तंत्र कथम् एतासां सेवानाम् उपयोगः भविष्यति ?

शब्दार्थाः
एषा = यह,
सुशक्तं = मजबूत,
भवेत् = हो,
कुर्यात् = करे,
अस्माकं = हमारा,
पश्य = देखो,
तर्हि = तो|
संदर्भ – पूर्ववत्
अनुवाद –
अध्यापक – हाँ राघव! यह भारत सरकार की विशेष महत्त्वाकांक्षी योजना है। यह राष्ट्र डिजिटल रूप से मजबूत ( सुशक्त) हो, (यह) इस योजना का लक्ष्य है। डिजिटल – शक्ति सभी लोगों को मजबूत करे, यह हमारा ध्येय है।
श्रेया – महोदय! इसका स्वरूप (उद्देश्य) कुछ स्पष्ट कीजिए ।
अध्यापक – अवश्य ! देखो, डिजिटल शासन सेवा के अंतर्गत ‘डिजिलॉकर’ (आधार, पेन कार्ड आदि डिजिटल संग्रहण) ‘ई शासन पटल’ जैसे – ‘उमंग’ (UMANG), ‘माय गव’ (MY Gov), ‘जेम’ (Gem) आदि हैं। ऑनलाइन टीकाकरण पंजीकरण के लिए ‘कोविन-पटल’ (COWIN) है।
यशिका – किंतु यदि गाँव के क्षेत्र में अंतर्जाल की समस्या है, तो वहाँ कैसे इस सेवा का उपयोग होगा।

4. श्रेया – मान्यवर! मया श्रुतं यत् — सर्वकारः अन्तर्जालस्य उत्तरोत्तरं विस्ताराय कार्यं करोति । अनेन ग्राम्य-क्षेत्रे अपि उच्चगतेः जालस्य उपलब्धिः भविष्यति ।
भास्करः – बहु समीचीनम्। एतासां सेवानाम् उपयोगः शिक्षायाः माध्यमेन अधिकाधिकं प्रचारणीयः ।
अध्यापकः – सत्यम्! शिक्षाया: क्षेत्रे ‘दीक्षा’ (DIKSHA), ‘स्वयम्’ (SWAYAM), ‘स्वयं-प्रभा’ (SWAYAM PRABHA), ‘ई-पाठशाला’ (E-PATHSHALA), ‘भारतीय – राष्ट्रिय – डिजिटल – पुस्तकालय:’, ‘निष्ठा’ (NISHTHA), ‘पीएम-ई-विद्या’ (PM e-VIDYA). नि:शुल्क – डिजिटल – शैक्षिकमञ्चः इत्यादीनाम् उपयोगः करणीयः ।
अथर्वः – आचार्य ! किं कृषिक्षेत्रे अपि डिजिटल – भारतस्य योगदानम् अस्ति?
अध्यापकः – आम्! ‘ई-नाम्’ (e-NAM) ‘पीएम- किसान- अनुप्रयोग:’ (PM KISAN), ड्रोन-प्रौद्योगिकी इत्यादीनि पटलानि सन्ति ।
यशिका – बहु सम्यक्, किन्तु ‘डिजिटल’ इत्यस्य वाणिज्ये कीदृशः प्रभावः अस्ति ?
अध्यापकः – आभासीय-पटलम् अनुप्रयोगः च इत्येतयोः माध्यमेन आभासीयं (ऑन-लैन) विक्रयणं भवति।
‘आशु-प्रतिक्रिया – कूट:’ (QR Code) इत्याधारितः विनिमयश्च भवति ।
सर्वे – वयं धन्याः मान्यवर! अस्मिन् सन्दर्भे वयं भवद्भिः पाठिताः। वयम् अपि भारतं डिजिटल – भारतं कर्तुं प्रयत्नं करिष्यामः ।
अध्यापकः – उत्तमम्, किन्तु अस्माभिः ‘साङ्गणिक-सुरक्षा’ विषये अपि चिन्तनीयम्। अनेकविधाः साङ्गणिक – अपराधाः भवन्ति। जनाः प्रायशः लोभात् भयात् वा साङ्गणिक-अपराधेन पीडिताः भवन्ति ।
भास्करः – एतस्मिन् विषये जनाः जागृताः भवेयुः तदर्थम् अपि उपायाः चिन्तनीयाः ।
अध्यापकः – सत्यं कथितम् ! अनेन प्रकारेण डिजिटल्-क्रान्तौ भारतम् अग्रगण्यं राष्ट्रं भविष्यति ।
सर्वे – कृतज्ञाः वयं गुरुवर! वयं डिजिटल – भारतं समृद्धं कर्तुं योगदानं करिष्यामः । (सर्वे मिलित्वा गायन्ति)
“सर्वं विकसितं भाति डिजिटल – भारतेऽधुना।
जीवनस्य च सौकर्यं सहसा लभते जनः ।।”

शब्दार्थाः
समीचीनम् = अच्छा,
शिक्षायाः माध्यमेन = शिक्षा के माध्यम से,
प्रचारणीयः = प्रचार योग्य,
कृषी = खेती,
वाणिज्यम् = व्यापार,
सागणिक सुरक्षा = साइबर सुरक्षा। संदर्भ पूर्ववत् ।
अनुवाद
श्रेया – महोदय! मेरे द्वारा सुना गया है कि सरकार ने इंटरनेट के उत्तरोत्तर विस्तार के लिए ग्रामीण क्षेत्र में भी उच्च गति से जाल की उपलब्धता कराई है।
भास्कर – बहुत अच्छा। इस सेवा का उपयोग शिक्षा के माध्यम से अधिक-से-अधिक प्रचार करने योग्य है।
अध्यापक – सत्य! शिक्षा के क्षेत्र में ‘दीक्षा’ (DIKSHA), ‘स्वयं’ (SWAYAM) ‘स्वयं प्रभा’ (SWAYAM PRABHA), ‘ई-पाठशाला’ (E-PATHSHALA), ‘भारतीय राष्ट्रीय डिजिटल पुस्तकालय’, ‘निष्ठा’ (NISHTHA), ‘पीएम- ई – विद्या’ (PM e-VIDYA) और निःशुल्क डिजिटल शैक्षिक मंच आदि का उपयोग करना चाहिए ।
अथर्व – आचार्य ! क्या कृषि क्षेत्र में भी डिजिटल भारत का योगदान है।
अध्यापक – हाँ! ‘ई-नाम’ (e-NAM), ‘पीएम किसान – अनुप्रयोग’ (PM KISAN), ड्रोन प्रौद्योगिकी आदि पटल हैं।
यशिका – बहुत अच्छा, किंतु ‘डिजिटल’ का वाणिज्य में कैसा प्रभाव है ?
अध्यापक – आभासीय – पटल और अनुप्रयोग के माध्यम से आभासीय (ऑनलाइन) विक्रय होता है।
‘आशु प्रतिक्रिया – कूट’ (QR code ) पर आधारित विनिमय होता है।
सभी – हम धन्य हैं महोदय ! इस संदर्भ में हम आपके द्वारा पढ़ाए गए हैं। हम भी भारत को ‘डिजिटल भारत’ करने का प्रयत्न करेंगे।
अध्यापक – अच्छा, किंतु हमारे द्वारा ‘सांगणिक सुरक्षा’ विषय में भी चिंता करनी चाहिए। अनेक प्रकार से कंप्यूटर अपराध भी होते है। लोग प्रायः लोभ और भय से कंप्यूटर अपराध से पीड़ित होते हैं।
भास्कर – इस विषय में लोग जागृत हों, इसके लिए भी उपाय सोचने चाहिए।
अध्यापक – सत्य कहा ! इस प्रकार डिजिटल क्रांति में भारत अग्रगण्य राष्ट्र बनेगा।
सभी – गुरुवर हम सभी कृतज्ञ हैं! हम डिजिटल भारत को समृद्ध करने के लिए योगदान करेंगे ।
(सभी मिलकर गाते हैं)
“अब डिजिटल इंडिया में सबकुछ विकसित हो गया है और लोगों को अपने जीवन में आसानी महसूस होने लगी है।”

Class 8 Sanskrit Chapter 6 Hindi Translation डिजिभारतम् युगपरिवर्तनम् Summary 15

अत्र इदम् अवधेयम्

1. क्त प्रत्ययः
‘क्तं’ प्रत्ययस्य प्रयोगः भूतकालार्थे कर्मवाच्ये भाववाच्ये च भवति । धातवः द्वि-विधा भवन्ति > अकर्मकाः, सकर्मकाः ।
यथा-रामः पाठम् अपठत्।
अत्र कर्त्ता कः? > रामः । अत्र कर्म किम् ? > पाठम् । क्रिया का ? अपठत् । क्रियायाः सम्बन्धः केन सह अस्ति ? रामेण सह ।
अत्र क्रियायाः पुरुष-वचन – सम्बन्ध: कर्तृ-पदेन सह अस्ति, परन्तु यदा ‘क्त’ प्रत्ययः युज्यते तर्हि वाक्यं कर्मवाच्ये परिवर्तनीयम् ।
यथा- रामेण रावणः मारितः।
यदा ‘क्त’ प्रत्यस्य प्रयोगः क्रियते तदा कर्त्तरि तृतीया कर्मणि च प्रथमा भवति ।
यथा-बालकः पाठं पठति (कर्तृवाच्यम्) । बालकेन पाठः पठितः । (कर्मवाच्यम्)।
क्त-प्रत्ययस्य प्रयोगः त्रिषु लिङ्गेषु भवति ।
रूपनिर्माणम्-धातुः + क्त-प्रत्ययः = कृक्त-कृतः
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2. शतृ प्रत्ययः
शतृ’ प्रत्ययस्य प्रयोग वर्तमानकाले कार्यं कुर्वन्तं जनं पदार्थं वा बोधयति। अस्य प्रयोगः केवलं परस्मैपदिभिः धातुभिः सह भवति । अस्य प्रयोगः त्रिषु लिङ्गेषु भवति ।
रूपनिर्माणम् – धातुः + शतृ प्रत्ययः = पठ् + शतृपठन्
Class 8 Sanskrit Chapter 6 Hindi Translation डिजिभारतम् युगपरिवर्तनम् Summary 13

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